दिल्ली: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को असम पुलिस द्वारा दर्ज मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है शीर्ष अदालत ने न केवल उन्हें अग्रिम जमानत दी, बल्कि इस पूरे मामले को प्रथम दृष्टया ‘राजनीतिक रूप से प्रेरित’ करार दिया है जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस एएस चंदुरकर की बेंच ने स्पष्ट किया कि खेड़ा पर लगे आरोप राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का परिणाम लगते हैं, जिसके लिए उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करने की कोई आवश्यकता नहीं है कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत किसी भी व्यक्ति की आजादी और व्यक्तिगत स्वतंत्रता सर्वोपरि है, इसे आसानी से छीना नहीं जा सकता कोर्ट ने साफ निर्देश दिया कि अगर क्राइम ब्रांच खेड़ा को गिरफ्तार करती है तो उन्हें तुरंत अग्रिम जमानत पर रिहा कर दिया जाए यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुईंया से जुड़ा है पवन खेड़ा ने उन पर आरोप लगाया था कि उनके पास एक से अधिक पासपोर्ट हैं और विदेशों में अघोषित संपत्ति है इन्हीं आरोपों के बाद असम में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी खेड़ा पहले गुवाहाटी हाईकोर्ट और निचली अदालतों में गए थे, लेकिन वहां राहत न मिलने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था