
पी सी एम एस डी कॉलेज फॉर विमेन, जालंधर के कंप्यूटर साइंस और IT के PG विभाग ने, संस्थान की इनोवेशन काउंसिल (IIC) के तहत, “AI अनलॉक्ड: इंटेलिजेंट सिस्टम्स में शुरुआती लोगों का सफर” विषय पर एक जानकारीपूर्ण 3-दिवसीय वर्कशॉप आयोजित की।

पी सी एम एस डी कॉलेज फॉर विमेन, जालंधर के कंप्यूटर साइंस और IT के PG विभाग ने, संस्थान की इनोवेशन काउंसिल (IIC) के तहत, “AI अनलॉक्ड: इंटेलिजेंट सिस्टम्स में शुरुआती लोगों का सफर” विषय पर एक जानकारीपूर्ण 3-दिवसीय वर्कशॉप आयोजित की।
यह सेशन Techcadd की रिलेशनशिप मैनेजर सुश्री हरचनीत कौर और Techcadd की AI/ML इंजीनियर सुश्री पायल द्वारा संचालित किया गया, जिन्होंने वर्कशॉप के लिए रिसोर्स पर्सन के तौर पर काम किया।
सुश्री पायल ने बताया कि कैसे AI रोज़मर्रा की ज़िंदगी का एक अहम हिस्सा बनता जा रहा है – वॉयस असिस्टेंट और रिकमेंडेशन सिस्टम से लेकर इंटेलिजेंट ऑटोमेशन और डेटा-आधारित निर्णय लेने तक। उन्होंने Python का इस्तेमाल करके बनाए गए AI/ML मॉडल का प्रैक्टिकल डेमो भी दिखाया, जिससे छात्राओं को यह समझने में मदद मिली कि कैसे रॉ डेटा को सार्थक अनुमानों और इंटेलिजेंट नतीजों में बदला जा सकता है। इस प्रैक्टिकल डेमो ने सेशन को दिलचस्प बनाया और छात्राओं को असल दुनिया की समस्याओं को हल करने में Python, मशीन लर्निंग और AI की प्रैक्टिकल क्षमता को समझने में मदद की।
इस इंटरैक्टिव सेशन ने छात्राओं को नई तकनीकों की संभावनाओं को जानने के लिए प्रोत्साहित किया और उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में गहरी रुचि विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
I-Tech ग्रुप की डीन डॉ. लवली शर्मा ने भी सभा को संबोधित किया और आज की तकनीक-प्रधान दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में जागरूकता और प्रैक्टिकल ज्ञान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि छात्राओं को नई तकनीकों से अपडेट रहना चाहिए और भविष्य के लिए ज़रूरी स्किल्स विकसित करनी चाहिए। उन्होंने वर्कशॉप आयोजित करने के प्रयासों के लिए सुश्री चाहत, सुश्री विनीत, सुश्री पुनीत और सुश्री अबंतिका की सराहना की। सेशन का समापन रिसोर्स पर्सन्स और इसके सफल आयोजन में योगदान देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ हुआ।
अध्यक्ष श्री नरेश बुधिया, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट श्री विनोद दादा, मैनेजिंग कमेटी के अन्य सम्मानित सदस्यों और सम्मानित प्रिंसिपल डॉ. पूजा पराशर ने विभाग के प्रयासों की सराहना की और छात्राओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का ज़रूरी ज्ञान देने की इस पहल की प्रशंसा की।



