जालंधर: सिविल इंजीनियरिंग विभाग, मेहर चंद पॉलिटेक्निक कॉलेज द्वारा “भूकंप-रोधी संरचनाएँ” विषय पर एक नवीनतम प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। इस प्रोजेक्ट में उन आधुनिक तकनीकों को दर्शाया गया है जो भूकंप के दौरान इमारतों पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने तथा संरचनात्मक सुरक्षा को मजबूत बनाने में सहायक हैं।
इस मॉडल का मुख्य ध्यान डैम्पर और मैग्नेटिक फाउंडेशन तकनीक पर केंद्रित है। डैम्पर भूकंप के दौरान उत्पन्न होने वाले कंपन को अवशोषित कर संरचना को क्षति से बचाने में मदद करते हैं। मैग्नेटिक फाउंडेशन तकनीक जमीन की हलचल के सीधे प्रभाव को कम करके इमारत को बेहतर स्थिरता और झटका-रोधी क्षमता प्रदान करती है। यह प्रोजेक्ट दर्शाता है कि आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकें भूकंप-प्रभावित क्षेत्रों में इमारतों को अधिक सुरक्षित और मजबूत बना सकती हैं।
यह प्रोजेक्ट विद्यार्थियों नितिश, जतिन, चितांशु, प्रतिभा, आगम, ईशा और यशिका द्वारा अमित खन्ना के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक तैयार किया गया। विद्यार्थियों की तकनीकी जानकारी, रचनात्मकता और टीम वर्क की सराहना प्रिंसिपल डॉ. जगरूप सिंह तथा विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव भाटिया द्वारा की गई।
यह प्रोजेक्ट संस्था की प्रायोगिक शिक्षा, नवीन सोच और कौशल-आधारित तकनीकी शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। प्रिंसिपल डॉ. जगरूप सिंह ने समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थियों को इस उपलब्धि पर बधाई दी।