

जालंधर:= सिद्ध माँ बगलामुखी धाम में नवरात्रि के छठे दिन माँ कात्यायनी की पूजा-अर्चना की गई। धाम के संस्थापक एवं व्यवस्थापक नवजीत भारद्वाज ने माँ भक्तों को कहा कि नवरात्रि के छठे दिन को माँ कात्यायनी की आराधना के रूप में बड़े श्रद्धा भाव से मनाया जाता है।
नवजीत भारद्वाज जी ने माँ भक्तों को कहा कि नवरात्रि का छठा दिन माँ कात्यायनी की पूजा को समर्पित होता है, जो माँ दुर्गा का छठा स्वरूप माना जाता है। इस पावन दिन पर भक्तजन पूरे श्रद्धा भाव और विधि-विधान के साथ माँ कात्यायनी की आराधना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माँ कात्यायनी का जन्म ऋषि कात्यायन के तप और भक्ति से हुआ था, इसलिए इन्हें कात्यायनी नाम से जाना जाता है। माँ का यह स्वरूप शक्ति, साहस और धर्म की रक्षा का प्रतीक है।
नवजीत भारद्वाज जी ने कहा कि ऐसा माना जाता है कि जो भी भक्त सच्चे मन से माँ कात्यायनी की पूजा करता है, उसके जीवन से नकारात्मक शक्तियों, भय और बाधाओं का अंत होता है। माँ अपने भक्तों को आत्मविश्वास, साहस और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती हैं, जिससे वे जीवन में सही दिशा में आगे बढ़ सकें। विशेष रूप से यह दिन उन लोगों के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है, जो अपने जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और सफलता की कामना रखते हैं।
नवजीत भारद्वाज जी ने कहा कि इस दिन माँ को लाल या पीले फूल अर्पित किए जाते हैं और उनका प्रिय भोग शहद चढ़ाया जाता है। मान्यता है कि शहद का भोग लगाने से जीवन में मधुरता और खुशहाली आती है। माँ कात्यायनी की कृपा से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं और उन्हें एक नई ऊर्जा के साथ जीवन में आगे बढऩे की प्रेरणा मिलती है।
इस अवसर पर श्वेता भारद्वाज,तेजस भारद्वाज, राकेश प्रभाकर,पूनम प्रभाकर,समीर कपूर,ऋषभ कालिया, अमरेंद्र कुमार शर्मा, रोहित गौतम,योगिता गौतम,मनी राम, रितु शर्मा, संजीव,अमन,राजेश कुमार, गुरप्रीत सिंह,गुरवीर कौर,नितिश,गुरप्रित सिंह,अमित अग्रवाल, संजीव शर्मा,विजय सुखीजा, प्रिंस सहित भारी संख्या में भक्तजन मौजूद थे।
हवन यज्ञ उपरांत लंगर भंडारे का आयोजन किया गया।



