झारखंड : राज्य विधानसभा चुनावों में सीपीआई-एमएल को भी इंडिया गठबंधन में जगह मिलेगी। पार्टी विधानसभा चुनाव में चार सीटों पर चुनाव लड़ सकती है। बता दें कि बीते चुनाव में इंडिया गठबंधन में तीन पार्टियां थीं, झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और आरजेडी। इन तीनों पार्टियों ने पिछली

लोकसभा चुनाव 2024 में सीपीआई-एमएल को कोडरमा सीट मिली थी। इस सीट से सीपीआई-एम के विनोद सिंह चुनावी मैदान में थे। मुकाबला बीजेपी उम्मीदवार और मौजूदा केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी से था। हालांकि माले को इस सीट पर करारी हार मिली और उन्हें 3 लाख 77 हजार से ज्यादा वोट से हार का सामना करना पड़ा। अन्नपूर्णा देवी ने लगातार दूसरी बार जीत हासिल की है।

विनोद सिंह अपने पिता कामरेड महेंद्र सिंह की हत्या के बाद राजनीति के मैदान आए और पिता के विधानसभा क्षेत्र बगोदर से तीन बार विजयी रहे। 2019 के विधानसभा चुनाव में भी वो बगोदर से माले के उम्मीदवार के रूप में विजयी रहे थे। लोकसभा चुनाव में सीपीआई एमएल प्रत्याशी के प्रचार के लिए जेएमएम, कांग्रेस और आरजेडी के नेताओं ने माले का पूरा सपोर्ट किया।

बता दें कि झारखंड में सीपीआई एमएल और एमसीसी का विलय हो गया है। एमसीसी से आशय मार्क्सवादी को-ऑर्डिनेशन कमिटी है। दोनों पार्टियों की आपसी सहमति के बाद एमसीसी का सीपीआई-एमएल में विलय हो गया था। बता दें कि धनबाद लोकसभा क्षेत्र में एमसीसी का काफी प्रभाव रहा है। इसी क्षेत्र की निरसा सीट से अरूप चटर्जी विधायक रहे हैं। एमसीसी के संस्थापक कॉमरेड एके राय धनबाद सीट से तीन बार सांसद हैं और सिंदरी सीट से तीन बार विधायक रहे थे।