
दिल्ली: चैत्र नवरात्रि के दौरान अष्टमी और नवमी तिथि का विशेष धार्मिक महत्व होता है। इन दोनों दिनों पर श्रद्धालु कन्या पूजन कर व्रत का पारण करते हैं और भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव राम नवमी को भी धूमधाम से मनाते हैं। लेकिन वर्ष 2026 में अष्टमी और नवमी तिथि को लेकर श्रद्धालुओं के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में आइए जानते हैं, इन दोनों तिथियों की सही तारीख और पूजा का उचित समय इस वर्ष ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के अनुसार नवरात्रि की अष्टमी और नवमी एक ही दिन यानी 26 मार्च 2026 को पड़ रही हैं। पंचांग के अनुसार, अष्टमी तिथि 26 मार्च को सुबह 11:47 बजे तक रहेगी, जिसके बाद नवमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। इसी कारण कई विद्वान और ज्योतिषाचार्य दोनों पर्व 26 मार्च को ही मनाना उचित मान रहे हैं।धार्मिक मान्यता के अनुसार राम नवमी पर मध्याह्न काल का विशेष महत्व होता है, इसलिए 26 मार्च को ही पूजा करना अधिक शुभ माना जा रहा है।कुछ श्रद्धालु उदया तिथि के आधार पर 27 मार्च 2026 को राम नवमी मनाएंगे।पूजा मुहूर्त सुबह 11:13 बजे से दोपहर 01:41 बजे तक हालांकि, विद्वानों के अनुसार 26 मार्च को ही नवमी मनाना अधिक शास्त्र सम्मत और फलदायी माना गया है।