
दिल्ली: भारत में Lockdown की खबरों ने इंटरनेट पर सनसनी फैला दी है। ईरान युद्ध और हॉर्मुज संकट के बीच क्या वाकई थम जाएगी देश की रफ्तार? प्रधानमंत्री मोदी ने संसद में देश को क्या भरोसा दिलाया?पिछले 24 घंटों में “Lockdown in India” सर्च में भारी उछाल आया है। लोग डर रहे हैं कि क्या 6 साल पहले जैसी स्थिति फिर पैदा होगी? लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह केवल एक पुरानी याद और आशंका मात्र है।भारत में कोविड-19 का खतरा अब न के बराबर है। लेकिन 28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान युद्ध ने नई चिंता पैदा की है। लोग सर्च कर रहे हैं कि क्या ‘युद्ध’ के कारण देश में तालाबंदी होगी?बजट सत्र के दौरान पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि सरकार दुनिया के किसी भी संकट का बोझ भारतीय किसानों और आम जनता पर नहीं पड़ने देगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि सप्लाई चेन को सुरक्षित रखने के लिए भारत पूरी तरह तैयार है।दुनिया का 20% तेल इसी रास्ते से आता है। युद्ध के कारण यहां सप्लाई बाधित हुई है, लेकिन पीएम मोदी ने कहा कि भारत अब तेल के लिए 27 नहीं बल्कि 41 देशों पर निर्भर है। यानी सप्लाई रुकने का खतरा कम है।सरकार ने बार-बार कहा है कि देश में तेल और गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है। इसलिए किसी भी तरह के ‘पैनिक’ या लॉकडाउन जैसी स्थिति की कोई संभावना नहीं है। सरकार ने केवल संसाधनों के ‘सतर्क उपयोग’ की अपील की है।24 मार्च को देशभर में लॉकडाउन की घोषणा की बरसी थी। सर्च में उछाल का एक बड़ा कारण यह ‘तारीख’ भी है। लोग उस दौर की यादें साझा कर रहे थे, जिसे इंटरनेट एल्गोरिदम ने ‘ट्रेंड’ बना दिया