
महाराष्ट्र : कोल्हापुर में इन दिनों सड़कों पर पेट्रोल पंपों पर अफरा-तफरी ज्यादा दिख रही है। सोशल मीडिया पर उड़ी एक अफवाह ने लोगों के मन में ऐसा डर बैठाया कि हर कोई अपनी गाड़ी की टंकी फुल कराने के लिए घर से निकल पड़ा। आलम यह हुआ कि देखते ही देखते पंपों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। इस बेकाबू भीड़ और ईंधन की ‘पैनिक बाइंग’ को रोकने के लिए जिला प्रशासन को अब सख्त नियम लागू करने पड़े हैं।जिलाधिकारी अमोल येडगे ने स्पष्ट किया है कि जिले में Petrol Diesel का कोई अकाल नहीं पड़ा है, बल्कि झूठी खबरों ने मांग और सप्लाई का गणित बिगाड़ दिया है। लोग जरूरत से ज्यादा तेल जमा करने लगे, जिससे पंपों पर अचानक बोझ बढ़ गया। इसी को देखते हुए 31 मार्च 2026 तक के लिए ईंधन की बिक्री पर कुछ पाबंदियां लगा दी गई हैं।नए आदेश के मुताबिक, अब आप अपनी मर्जी से टंकी फुल नहीं करवा पाएंगे। दोपहिया वाहनों के लिए एक बार में अधिकतम 200 रुपये का ईंधन तय किया गया है। वहीं, Auto-Car यानि 3 और 4 पहिया गाड़ियों के मालिक केवल 2000 रुपये तक का ही तेल डलवा सकेंगे। सबसे अहम बात यह है कि बोतल, कैन या ड्रम में पेट्रोल ले जाने पर पूरी तरह से बैन लगा दिया गया है। अगर कोई इन नियमों को ठेंगा दिखाता है, तो प्रशासन ने उसके खिलाफ कानूनी डंडा चलाने की तैयारी भी कर ली है।