दिल्ली: महावीर जयंती का पर्व जैन धर्म के लोगों के लिए बेहद खास होता है इस दिन न सिर्फ 24वें तीर्थंकर स्वामी महावीर के जन्म कल्याण का उत्सव मनाया जाता है, बल्कि विशेष रूप से उनकी पूजा-अर्चना करके रथ यात्रा भी निकली जाती है ईसके अलावा प्रातः काल में प्रभात फेरी निकली जाती है साथ ही भक्तजन अहिंसा की शपथ लेते हैं और दान-पुण्य करते हैं जैन कैलेंडर के मुताबिक, इस बार कल 30 मार्च 2026 की सुबह 07 बजकर 09 मिनट से चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि का आरंभ हुआ, जिसका समापन आज 31 मार्च 2026 को सुबह 06 बजकर 56 मिनट पर होगा ऐसे में आज 31 मार्च 2026, वार मंगलवार को महावीर जयंती का पर्व मनाना शुभ रहेगा आज स्वामी महावीर का 2625वां जन्म कल्याणक महोत्सव है हालांकि, कुछ लोगों ने कल 30 मार्च 2026, वार सोमवार को भी ये पर्व मनाया थाजैन धर्म के लोगों के लिए महावीर जयंती केवल एक पर्व नहीं है, बल्कि अहिंसा, सत्य, ब्रह्मचर्य, अस्तेय और अपरिग्रह जैसे महाव्रतों का प्रचार करने का महापर्व है कहा जाता है कि महावीर स्वामी ने बहुत ही कम उम्र में अपना घर छोड़ दिया था, जिसके बाद वन में करीब साढ़े बारह वर्ष तक उन्होंने कड़ी तपस्या की थी इसके बाद उन्होंने अपना पूरा जीवन जैन धर्म के प्रचार-प्रसार और मानव कल्याण को समर्पित कर दिया था, इसलिए इस दिन भगवान महावीर की विशेष रूप से पूजा की जाती है बता दें कि भगवान महावीर ने ही “जीओ और जीने दो” का नारा दिया था, जिसका पालन आज भी बड़ी संख्या में लोग करते हैं