हंसराज महिला महाविद्यालय, जालंधर के स्नातकोत्तर जूलॉजी विभाग द्वारा प्राचार्या डॉ. (श्रीमती) एकता खोसला के कुशल मार्गदर्शन में ‘मेडिकल लैब टेक्नोलॉजीÓ विषय पर एक अत्यंत ज्ञानवर्धक कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला साइनर्जी लैब, जालंधर के सहयोग से सफलतापूर्वक सपन्न हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ विशिष्ट अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। इस अवसर पर साइनर्जी लैब की निर्देशक एवं कंसल्टेंट पैथोलॉजिस्ट डॉ. दीक्षा ने अपने व्यायान में विभिन्न हीमैटोलॉजिकल तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने प्रयोगशालाओं में अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं, गुणवत्ता नियंत्रण उपायों तथा आवश्यक सावधानियों पर विशेष प्रकाश डाला। साथ ही उन्होंने हिस्टोलॉजिकल विश्लेषण के महत्वपूर्ण पहलुओं को समझाते हुए विद्यार्थियों को डायग्नोस्टिक कार्यों में सटीकता एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण के महत्व से अवगत कराया। कार्यशाला को और अधिक प्रभावी बनाते हुए वरिष्ठ लैब तकनीशियन श्री जगजीवन एवं सुश्री पहर ने विद्यार्थियों को प्रायोगिक प्रशिक्षण प्रदान किया। प्रतिभागियों को रक्त स्मीयर की स्टेनिंग, ईएसआर (एरिथ्रोसाइट सेडीमेंटेशन रेट), तथा रक्त से सीरम एवं प्लाज्मा के पृथक्करण जैसी महत्वपूर्ण तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव दिया गया। इसके अतिरिक्त, पेपर क्रोमैटोग्राफी, थिन लेयर क्रोमैटोग्राफी एवं जेल इलेक्ट्रोफोरेसिस जैसे प्रयोगों का प्रदर्शन विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. साक्षी वर्मा एवं श्री रवि कुमार द्वारा किया गया, जिससे सत्र अत्यंत रोचक एवं कौशल-आधारित बन गया। इस कार्यशाला में विभिन्न महाविद्यालयों के विद्यार्थियों एवं अध्यापकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे एक सक्रिय एवं प्रेरणादायक शैक्षणिक वातावरण का निर्माण हुआ। इस अवसर पर प्राचार्या डॉ. (श्रीमती) एकता खोसला ने आयोजकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं विद्यार्थियों के कौशल विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं तथा उन्हें उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करती हैं। डीन अकादमिक एवं जूलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. सीमा मारवाहा ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे सहयोगात्मक कार्यक्रम विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करते हैं और सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक शिक्षा के बीच की दूरी को कम करते हैं। कार्यशाला की संयोजक डॉ. साक्षी वर्मा एवं श्री रवि कुमार रहे। लैब तकनीशियन श्री सचिन एवं बी.एससी. मेडिकल के छात्र वालंटियर्स ने सभी व्यवस्थाओं का सफलतापूर्वक संचालन किया।