हंस राज महिला महाविद्यालय जालंधर में प्रिंसिपल डॉ. (श्रीमती) एकता खोसला के कुशल मार्गदर्शन और प्रेरणादायक नेतृत्व में पहली बार अपने कैंपस में यूथ पार्लियामेंट (युवा संसद) का आयोजन किया गया । इस कार्यक्रम का आयोजन पीजी राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा किया गया था, जिसका उद्देश्य छात्राओं में लोकतांत्रिक भावना, राजनीतिक जागरूकता और जिमेदार नागरिकता को विकसित करना था। इस कार्यक्रम में राजनीति विज्ञान विभाग की त्र छात्राओं—दिव्या, जान्हवी, सिमरनजीत कौर, महक, सिमरन बाजवा, मान्या तनेजा, पावनी, अदिति नरूला, हिमांशी, पहुल जबलपुर, आकांक्षी कुमारी, सुहानी शर्मा, तन्वी, सुखमन कौर कालरा और अल्फिशा—ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। इन छात्राओं ने बड़ी सूझ-बूझ और आत्मविश्वास के साथ संसद के शून्य काल (र्ंद्गह्म्श ॥शह्वह्म्) का प्रस्तुतीकरण किया। यह सत्र मध्य-पूर्व में चल रहे युद्ध की स्थिति पर केंद्रित था, जहाँ छात्राओं ने अपनी जानकारीपूर्ण राय को पूरी परिपक्वता और संवेदनशीलता के साथ व्यक्त किया। इस नकली संसदीय चर्चा के माध्यम से, युवा प्रतिभागियों ने भारत के सदियों पुराने दर्शन—शांति, सद्भाव और वसुधैव कुटुंबकम (अर्थात् पूरा विश्व एक परिवार है)—को प्रमुखता से उजागर किया। यह यूथ पार्लियामेंट दुनिया भर में महिलाओं के अधिकारों और गरिमा से जुड़े मुद्दों को उठाने तथा उनके समर्थन में आवाज़ बुलंद करने के लिए एक सशक्त मंच के रूप में भी उभरा, जो आज के युवाओं की सामाजिक चेतना और प्रगतिशील सोच को दर्शाता है। ‘शून्य कालÓ की शुरुआत 35 युवा वक्ताओं के साथ हुई; इन सभी ने चर्चा में अपना सार्थक योगदान दिया और अपनी असाधारण वाक्-पटुता, जागरूकता तथा आत्मविश्वास का शानदार प्रदर्शन किया। प्रिंसिपल डॉ. (श्रीमती) एकता खोसला ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ‘यूथ पार्लियामेंटÓ केवल एक नकली सत्र (द्वशष्द्म ह्यद्गह्यह्यद्बशठ्ठ) नहीं है, बल्कि यह युवा मस्तिष्कों में जागरूकता, जिमेदारी और नेतृत्व क्षमता को विकसित करने का एक अत्यंत प्रभावशाली मंच है। इस तरह की गतिविधियाँ छात्राओं को हमारे राष्ट्र की लोकतांत्रिक संरचना को समझने में मदद करती हैं और उन्हें विचारशील, जागरूक तथा जिमेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करती हैं। इस कार्यक्रम में राजनीति विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्षा श्रीमती अलका और सहायक प्रोफेसर डॉ. जीवन देवी उपस्थित रहे। उन्होंने छात्राओं के प्रयासों की सराहना की और उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सदैव जागरूक, मुखर तथा सक्रिय भागीदार बने रहने के लिए प्रोत्साहित किया। यह कार्यक्रम एक अत्यंत ज्ञानवर्धक शैक्षणिक अनुभव साबित हुआ, जिसने न केवल छात्राओं को संसद की कार्यप्रणाली से परिचित कराया, बल्कि उन्हें देश का विचारशील नागरिक और भविष्य का नेतृत्वकर्ता बनने के लिए भी प्रेरित किया।