
जालंधर: एक ऐसे दौर में, जहाँ केवल पढ़ाई का दबाव ही छात्रों के लिए भारी पड़ता है, सीटी इंस्टीट्यूट ऑफ हायर स्टडीज़ के सीनियर सेकेंडरी विंग के दो दृढ़ निश्चयी छात्र- अमन और राघव, हिम्मत और संघर्ष की नई मिसाल पेश कर रहे हैं। आर्थिक तंगी की कठिन परिस्थितियों और पढ़ाई के अनुशासन के बीच संतुलन बनाते हुए ये युवा साबित कर रहे हैं कि सच्ची लगन हर बाधा को पार कर सकती है।
दिन में ये अपने सपनों का पीछा करने वाले समर्पित विद्यार्थी हैं, जबकि सुबह और रात में अपने परिवारों की आर्थिक रीढ़ बन जाते हैं।
अमन, चार भाई-बहनों में सबसे छोटा, अपने फोटोग्राफर पिता और गृहिणी माँ की मदद के लिए स्कूल के बाद आठ घंटे की नौकरी करता है। कठिन दिनचर्या के बावजूद उसने हाल ही में 71% अंक हासिल किए।
वहीं राघव, एक मेहनती स्कूल वैन चालक के बेटे, ने भी कम उम्र में जिम्मेदारियों का बोझ उठाया। पढ़ाई के साथ-साथ उसने बर्गर किंग में काम किया और 60% अंकों के साथ परीक्षा उत्तीर्ण की। आगे चलकर वह Zepto में डिलीवरी पार्टनर बन गया और परिवार का सहारा बना रहा।
सीटी ग्रुप का प्रबंधन और शिक्षक इन छात्रों के साथ मजबूती से खड़े रहे, उन्हें हर संभव शैक्षणिक और भावनात्मक सहयोग देते हुए।
प्रिंसिपल डॉ. सीमा अरोड़ा ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि ये छात्र केवल सफलता ही नहीं, बल्कि चरित्र, जिम्मेदारी और संघर्ष का असली अर्थ सिखाते हैं।
अमन और राघव की कहानी आज के युवाओं के लिए प्रेरणा है- जहाँ हालात नहीं, बल्कि हौसले भविष्य तय करते हैं।