
भारतीय जनता पार्टी के नेता , पूर्व आईएएस अधिकारी श्री एस. आर. लधर ने मोहाली नगर निगम चुनावों के दौरान प्रशासनिक प्रबंधों को अत्यंत निराशाजनक तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध करार दिया है। उन्होंने इस संबंध में डिप्टी कमिश्नर मोहाली को विस्तृत पत्र भेजकर चुनाव प्रक्रिया में हुई गंभीर खामियों की ओर ध्यान आकर्षित किया है।
श्री लधर ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान एसडीएम कार्यालय तथा आरओ/एआरओ के कमजोर प्रबंधों के कारण उम्मीदवारों और उनके प्रतिनिधियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को कोई समुचित प्रशिक्षण नहीं दिया गया तथा अनिवार्य मॉक ड्रिल भी आयोजित नहीं की गई। इससे चुनाव प्रबंधन की तैयारी पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं।
उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों की सहायता हेतु कोई 24 घंटे कार्यरत कंट्रोल रूम स्थापित नहीं किया गया तथा शनिवार और रविवार को कार्यालय बंद रहने के कारण उम्मीदवारों को आवश्यक जानकारी और सहायता प्राप्त करने में भारी परेशानी हुई।
श्री लधर ने यह भी कहा कि चुनाव एजेंटों सहित आवश्यक कानूनी फॉर्म उम्मीदवारों को उपलब्ध नहीं करवाए गए। यहां तक कि फॉर्म नंबर 33 भी उम्मीदवारों को नहीं दिया गया, जिसके कारण विभिन्न बूथों पर पड़े मतों की जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर संदेह उत्पन्न हुआ। डिप्टी कमिश्नर के ध्यान में मामला लाने के बाद फॉर्म नंबर 33 संबंधी जानकारी रात 11 बजे व्हाट्सऐप के माध्यम से उपलब्ध करवाई गई।
उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाया कि भीषण गर्मी के बावजूद चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों, सुरक्षा कर्मियों तथा आम लोगों के लिए पीने के पानी, छाया अथवा भोजन जैसी न्यूनतम सुविधाओं का भी कोई प्रबंध नहीं किया गया। यह प्रशासन की असंवेदनशीलता को दर्शाता है।
श्री लधर ने कहा कि आरओ/एआरओ का व्यवहार भी अत्यंत निराशाजनक था और ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो वे जनसेवक नहीं बल्कि शासक हों। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने वाले उम्मीदवारों के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए।
उन्होंने डिप्टी कमिश्नर मोहाली से मांग की कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान हुई इन गंभीर खामियों की जांच करवाई जाए तथा भविष्य में निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित चुनाव सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।