
जालंधर:- मां बगलामुखी धाम गुलमोहर सिटी नज़दीक लमांपिंड चौंक जालंधर में श्री शनिदेव महाराज जी के निमित सामुहिक निशुल्क दिव्य हवन यज्ञ का आयोजन मदिंर परिसर में किया गया।
सर्व प्रथम ब्राह्मणो द्वारा मुख्य यजमान से विधिवत वैदिक रिती अनुसार पंचोपचार पूजन, षोडशोपचार पूजन ,नवग्रह पूजन उपरांत सपरिवार हवन-यज्ञ में आहुतियां डलवाई गई।
सिद्ध मां बगलामुखी धाम में आयोजित दिव्य हवन यज्ञ एवं सत्संग के दौरान पूरा वातावरण भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा। मंत्रोच्चारण, हवन की पावन अग्नि और प्रभु भक्ति में लीन श्रद्धालुओं ने धाम को भक्तिमय बना दिया। इस अवसर पर धाम के प्रेरक प्रवक्ता नवजीत भारद्वाज ने भक्तों को गोस्वामी तुलसीदास जी के प्रसिद्ध दोहे का गूढ़ आध्यात्मिक संदेश सुनाया—
*राम नाम मनिदीप धरु जीह देहरी द्वार,*
*तुलसी भीतर बाहेरहुँ जौं चाहसि उजिआर।*
नवजीत भारद्वाज जी ने सरल एवं भावपूर्ण शब्दों में समझाते हुए कहा कि यदि जीवन में सच्चा उजाला चाहिए, तो अपनी वाणी पर राम नाम का दीप जलाना होगा। जैसे घर के द्वार पर दीपक जलते ही अंधकार दूर हो जाता है, वैसे ही जिस व्यक्ति की जुबान पर प्रभु श्रीराम का नाम होता है, उसके जीवन से भय, चिंता, क्रोध और नकारात्मकता स्वतः समाप्त होने लगती है।
उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज़ में कहा कि आज इंसान के मकान बड़े हो गए हैं, लेकिन दिल छोटे हो गए हैं। मोबाइल की चमक बढ़ गई है, मगर मन का अंधेरा और गहरा होता जा रहा है। इंसान बाहर की दुनिया में तो रोशनी खोज रहा है, लेकिन भीतर के अंधकार को मिटाने के लिए प्रभु नाम का सहारा लेना भूल गया है।
प्रभु भक्तों को संबोधित करते हुए नवजीत भारद्वाज जी ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास जी का यह दोहा केवल शब्द नहीं, बल्कि जीवन जीने की दिशा है। यदि मन में शांति चाहिए, परिवार में सुख चाहिए और समाज में सम्मान चाहिए, तो राम नाम को अपने जीवन का आधार बनाना होगा। राम नाम आत्मा की शक्ति है, जो टूटे हुए मन को भी नई ऊर्जा प्रदान करती है।
उन्होंने आगे कहा कि जब जीवन में दुख आए तो “राम” कहो, जब डर लगे तो “राम” कहो और जब सुख मिले तो प्रभु श्रीराम का धन्यवाद करो। जिस घर में भगवान का नाम लिया जाता है, वहां सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। जिस व्यक्ति की वाणी मधुर और प्रभु भक्ति से भरी होती है, उसका सम्मान हर स्थान पर होता है। इसलिए हमें कटु वचन छोड़कर अपनी वाणी को प्रभु स्मरण से पवित्र बनाना चाहिए।
प्रवचनों के अंत में नवजीत भारद्वाज जी ने सभी श्रद्धालुओं से आह्वान करते हुए कहा कि आइए, हम सब अपने जीवन में राम नाम का दीपक जलाएं और अपने भीतर तथा बाहर के अंधकार को दूर करें। क्योंकि जहां प्रभु श्रीराम का नाम होता है, वहां भय नहीं टिकता, दुख नहीं रहता और जीवन में हमेशा प्रेम, शांति एवं उजाला बना रहता है।
सेवादार नवजीत ने सभी भगतजन को *मां बगलामुखी जी के निमित आलौकिक मासिक हवन यज्ञ जो की 31 मई रविवार को* हो रहा है मे समिलित होने का निमंत्रण दिया और बताया की हवन यज्ञ सुबह 8:30 पर शुरू होगा।
इस अवसर पर श्वेता भारद्वाज, सरोज बाला,विक्की अग्रवाल,समीर कपूर,नरेश,कोमल, मुनीष मैहरा, ऋषभ कालिया,उदय ,अजीत कुमार , नरेंद्र ,रोहित भाटिया,नवीन , प्रदीप, सुधीर, सुमीत, मनीष शर्मा,दानिश, रितु, कुमार,सौरभ मरवाहा,शंकर, संदीप,रिंकू,प्रदीप वर्मा, गोरव गोयल, मनी ,नरेश,अजय शर्मा,दीपक , किशोर,प्रदीप , प्रवीण,राजू, गुलशन शर्मा,संजीव शर्मा,वरुण, रवि,जगदीश, नवीन कुमार, निर्मल,अनिल,सागर,दीपक, प्रिंस कुमार, पप्पू ठाकुर, दीपक कुमार, नरेंद्र, सौरभ,दीपक कुमार, नरेश,दिक्षित, अनिल, अजय सबित भारी संख्या में भक्तजन मौजूद थे।
हवन यज्ञ उपरांत लंगर भंडारे का आयोजन किया गया।