जालंधर शहर एक बार फिर अपनी विरासत से जुड़ने जा रहा है। सीटी ग्रुप और पंजाब प्रेस क्लब के संयुक्त प्रयास से कंपनी बाग स्थित ऐतिहासिक क्लॉक टावर का पुनरुद्धार कर 16 जून को इसका अनावरण किया जाएगा।

कंपनी बाग में स्थित यह क्लॉक टावर लंबे समय तक जालंधर की सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा रहा है। डिजिटल युग से पहले, शहरवासी समय जानने के लिए इसी टावर पर निर्भर रहते थे। यह न केवल समय का स्रोत था, बल्कि शहर की पहचान का प्रतीक भी बन गया था।

इस क्लॉक टावर की नींव 10 फरवरी 1982 को नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त चौधरी (आईएएस) द्वारा रखी गई थी। वर्ष 1992 में इसके बंद होने के बाद यह ऐतिहासिक संरचना वर्षों तक मौन खड़ी रही और शहर के गौरवशाली अतीत की याद दिलाती रही।

वर्ष 2005 में क्लॉक टावर के समीप पंजाब प्रेस क्लब की स्थापना हुई, जिससे यह क्षेत्र पत्रकारों और मीडिया कर्मियों का प्रमुख केंद्र बन गया। प्रेस क्लब के सदस्यों ने हमेशा इस ऐतिहासिक धरोहर को पुनर्जीवित करने की इच्छा रखी।

इस ऐतिहासिक महत्व को समझते हुए पंजाब प्रेस क्लब ने सीटी ग्रुप के सहयोग से क्लॉक टावर और इसकी घड़ी प्रणाली के पुनरुद्धार की पहल की। यह पहल सीटी यूनिवर्सिटी के चांसलर सरदार चरणजीत सिंह चन्नी की दूरदर्शिता का परिणाम है, जो मानते हैं कि विरासत का संरक्षण ही शहर की पहचान को बनाए रखने का सबसे प्रभावी माध्यम है।

उनके नेतृत्व में कई महीनों तक शोध, योजना और तकनीकी कार्यों के माध्यम से इस टावर को उसके मूल स्वरूप में पुनर्स्थापित किया गया। इस परियोजना को साकार करने में पंजाब प्रेस क्लब के अध्यक्ष जसप्रीत सिंह सैनी और जनरल मैनेजर जतिंदर सिंह का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

यह पहल केवल एक संरचना का पुनरुद्धार नहीं, बल्कि शहर की संस्कृति, विरासत और सामूहिक स्मृतियों को संजोने का प्रयास है। 16 जून को होने वाला अनावरण समारोह इस ऐतिहासिक धरोहर के नए अध्याय की शुरुआत करेगा।

पुनर्स्थापित क्लॉक टावर अब जालंधर की पहचान, सांस्कृतिक निरंतरता और नागरिक गर्व का प्रतीक बनकर फिर से स्थापित होगा।