
डी.ए.वी. कॉलेज, जालंधर ने अपने कौशल विकास केंद्र (स्किल डेवलपमेंट सेंटर-एस.डी.सी.) के उद्घाटन के साथ एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि अर्जित की। इस केंद्र का उद्देश्य कौशल-आधारित शिक्षा को प्रोत्साहित करना तथा विद्यार्थियों को व्यावहारिक कौशलों से सशक्त बनाना है। उद्घाटन समारोह में दिन की विशिष्ट अतिथि श्रीमती सरोज (समन्वयक-सह-कार्यक्रम अधिकारी, स्वच्छ भारत मिशन) के साथ कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. कुॅंवर राजीव, रजिस्ट्रार प्रो. अशोक कपूर, प्रो. शरद मनोचा तथा परियोजना समन्वयक डॉ. सीमा शर्मा उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारम्भ डी.ए.वी. गान से हुआ, जिसके उपरान्त उपस्थित गणमान्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। दीप प्रज्ज्वलन ज्ञान, चेतना और आलोक की सतत खोज का प्रतीक है।
सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए, कौशल विकास केंद्र की परियोजना समन्वयक डॉ. सीमा शर्मा ने केंद्र के अंतर्गत संचालित विभिन्न कौशलोन्मुखी पाठ्यक्रमों की जानकारी प्रदान की। उन्होंने कौशल-आधारित शिक्षा के बढ़ते महत्त्व पर बल देते हुए इस केंद्र की स्थापना के स्वप्न को साकार करने के लिए प्राचार्य डॉ. अनूप कुमार के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना की।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. कुॅंवर राजीव ने वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक युग में कौशल विकास की आवश्यकता पर विशेष बल दिया तथा विद्यार्थियों को ऐसे कौशल-आधारित रुचियों और दक्षताओं का विकास करने के लिए प्रेरित किया, जो उनके व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक जीवन में सहायक सिद्ध हों।
विशिष्ट अतिथि श्रीमती सरोज ने प्रतिभागियों के साथ संवाद स्थापित करते हुए त्वचा-देखभाल एवं आत्म-देखभाल से संबंधित उपयोगी सुझाव प्रदान किए। उनका ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी सत्र विद्यार्थियों द्वारा अत्यंत सराहा गया।
इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. अनूप कुमार ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि कौशल विकास केंद्र विद्यार्थियों की रोज़गार-योग्यता, आत्मनिर्भरता तथा समग्र व्यक्तित्व विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उद्घाटन समारोह अत्यंत सफल एवं प्रभावशाली रहा तथा विद्यार्थियों की प्रतिक्रिया अत्यंत उत्साहवर्धक रही। कौशल विकास केंद्र का शुभारम्भ वास्तव में प्रेरणादायी और आशाजनक सिद्ध हुआ है। विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता एवं सकारात्मक प्रतिक्रिया को देखते हुए यह अपेक्षा की जा रही है कि कौशल पाठ्यक्रमों का द्वितीय बैच शीघ्र ही प्रारम्भ किया जाएगा।
डी.ए.वी. कॉलेज, जालंधर इन कौशल विकास पाठ्यक्रमों को नियमित रूप से संचालित करने के लिए प्रतिबद्ध है। भविष्य में समय-समय पर नए पाठ्यक्रम भी जोड़े जाएँगे, जिससे विद्यार्थी आत्मनिर्भर, दक्ष एवं उद्योग-जगत के लिए पूर्णतः तैयार बन सकें।
कार्यक्रम का कुशल संचालन श्री तुषार ने किया, जिन्होंने संपूर्ण आयोजन को सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न कराया। इस अवसर पर डॉ. निश्चय बहल, प्रो. अनु गुप्ता, डॉ. सीमा दत्ता, डॉ. रेणुका, डॉ. राजवंत, डॉ. ललित, प्रो. ऋतु तलवार, डॉ. दीपक वधावन, डॉ. राजन शर्मा, प्रो. सदानंद सहित अनेक संकाय सदस्य उपस्थित रहे।
समारोह के समापन पर संकाय सदस्यों ने विद्यार्थियों को उनके संबंधित प्रशिक्षण केंद्रों तक पहुँचाया। सकारात्मक एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न यह आयोजन कौशल-आधारित शिक्षा तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करने के प्रति महाविद्यालय की दृढ़ प्रतिबद्धता का सशक्त परिचायक बना।