
सी टी यूनिवर्सिटी के अंतरराष्ट्रीय मामलों विभाग द्वारा प्रथम यूनाइटेड वर्ल्ड एजुकेशन कॉन्क्लेव (यूडब्ल्यूईसी) 2026 का सफल आयोजन किया गया। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विभिन्न देशों के शिक्षा, उद्योग और सरकारी क्षेत्र से जुड़े प्रतिष्ठित नेताओं एवं विशेषज्ञों ने भाग लिया। यह कॉन्क्लेव शिक्षा, कौशल विकास और वैश्विक कार्यबल की तैयारियों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से सहयोग, नवाचार और रणनीतिक साझेदारियों को बढ़ावा देने का एक प्रभावशाली मंच बना।
इस आयोजन में 30 से अधिक देशों से आए 300 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों को वैश्विक विशेषज्ञों के साथ संवाद करने तथा अंतरराष्ट्रीय शिक्षा प्रणालियों, उभरते औद्योगिक रुझानों, करियर अवसरों और बहुसांस्कृतिक शिक्षण अनुभवों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला।
कॉन्क्लेव में अनेक अंतरराष्ट्रीय गणमान्य व्यक्तियों और उद्योग जगत के नेताओं ने शिक्षा में स्थिरता, कार्यबल की तैयारी, नवाचार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए। इनमें जिम्बाब्वे गणराज्य के उच्चायोग की मंत्री परामर्शदाता सोफिया होप तफाद्ज़वा चिम्बा, जिम्बाब्वे गणराज्य के उच्चायोग के तृतीय सचिव निक्सन चिरेका, लेसोथो साम्राज्य के उच्चायोग की प्रथम सचिव बोहलोएकी त्ल्हाकु मोरोजेले, सिग्नेट इंस्टीट्यूट ऑस्ट्रेलिया की मुख्य कार्यकारी अधिकारी नवदीप कौर रूपन, सिग्नेट इंस्टीट्यूट ऑस्ट्रेलिया के प्रबंध निदेशक पुष्पिंदर सिंह, बोर्ड निदेशक माइकल कार तथा सिग्नेट ट्रेनर एवं उद्योग विशेषज्ञ स्टीफन होहमन शामिल रहे।
कॉन्क्लेव का शुभारंभ सी टी यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. नितिन टंडन के प्रेरणादायी संबोधन से हुआ। उन्होंने विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय अनुभव, उद्योग-शिक्षा सहयोग तथा रोजगारोन्मुख शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के चांसलर सरदार चरणजीत सिंह चन्नी, प्रो चांसलर डॉ. मनबीर सिंह, वाइस चेयरमैन हरप्रीत सिंह, कुलपति डॉ. नितिन टंडन, रजिस्ट्रार संजय खंडूरी तथा निदेशक डीएसडब्ल्यू इंजीनियर दविंदर सिंह सहित विश्वविद्यालय का शीर्ष नेतृत्व उपस्थित रहा।
अपने संबोधन में चांसलर सरदार चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि यूनाइटेड वर्ल्ड एजुकेशन कॉन्क्लेव, सी टी यूनिवर्सिटी की वैश्विक स्तर पर जुड़ी हुई शिक्षण प्रणाली विकसित करने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सार्थक अंतरराष्ट्रीय सहयोग और उद्योग आधारित पहलों के माध्यम से विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को ऐसे कौशल, ज्ञान और अवसर प्रदान करने के लिए निरंतर कार्यरत है, जो उन्हें तेजी से बदलती वैश्विक परिस्थितियों में सफलता प्राप्त करने के लिए सक्षम बनाएं।
प्रो चांसलर डॉ. मनबीर सिंह ने कहा कि आज शिक्षा केवल कक्षाओं और राष्ट्रीय सीमाओं तक सीमित नहीं है। उन्होंने बताया कि यूडब्ल्यूईसी 2026 ने विद्यार्थियों, शिक्षाविदों, नीति निर्माताओं और उद्योग जगत के विशेषज्ञों को एक साझा मंच प्रदान किया है, जहां वे भविष्य की चुनौतियों और संभावनाओं पर मिलकर विचार-विमर्श कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहलें वैश्विक दृष्टिकोण रखने वाले सक्षम पेशेवरों के निर्माण तथा नवाचार आधारित विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।