
जालंधर: लवली प्रोफ़ेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह में 12,000 से ज़्यादा छात्रों, फैकल्टी सदस्यों, स्टाफ़ और क्षेत्र के जन-प्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे यह पंजाब के सबसे बड़े योग आयोजनों में से एक बन गया। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नबीन मुख्य अतिथि के तौर पर समारोह में शामिल हुए और एलपीयू कैंपस में सांसद (राज्यसभा) और संस्थापक चांसलर डॉ. अशोक कुमार मित्तल के साथ सामूहिक योग सत्र में भाग लिया।
यह भव्य समारोह “स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग” की वैश्विक थीम के तहत मनाया गया। समारोह में सभी उम्र के लोगों के बीच शारीरिक ऊर्जा, मानसिक स्वास्थ्य और स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देने में योग की भूमिका पर ज़ोर दिया गया। यह कार्यक्रम खास “12-12-12” थीम पर केंद्रित था, जो अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के 12 साल, माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वैश्विक योग आंदोलन के 12 साल और 12,000 से ज़्यादा लोगों की भागीदारी का प्रतीक था।
सभा को संबोधित करते हुए श्री नितिन नबीन ने कहा कि ‘विकसित भारत 2047 का विज़न हर भारतीय, खासकर युवाओं की साझा प्रतिबद्धता होनी चाहिए, क्योंकि वे ही देश के भविष्य की मुख्य ताकत होंगे। एलपीयू कैंपस से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए “जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान” के नारे का ज़िक्र करते हुए श्री नितिन नबीन ने कहा कि आज के युवा ‘अनुसंधान’ की भावना से जुड़ रहे हैं और इनोवेशन के ज़रिए देश की प्रगति में सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं। श्री नितिन नबीन ने विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए रिसर्च, हेल्थकेयर, टेक्नोलॉजी और जन-सेवा जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। श्री नबीन ने युवा पीढ़ी से नशीली दवाओं के दुरुपयोग के ख़िलाफ़ लड़ाई में नेतृत्व करने का भी आह्वान किया और कहा कि एक मज़बूत राष्ट्र के लिए मज़बूत और सशक्त युवा ज़रूरी हैं। श्री नबिन ने छात्रों से अपनी जड़ों से जुड़े रहने, ईमानदारी और दृढ़ता जैसे ऊँचे मूल्यों को बनाए रखने और देश को सबसे ऊपर रखने का आग्रह किया। साथ ही, उन्होंने छात्रों को भारत की विकास यात्रा में सार्थक योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया।
एलपीयू के संस्थापक चांसलर और सांसद (राज्यसभा) डॉ. अशोक कुमार मित्तल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस एक वैश्विक आंदोलन बन गया है और दुनिया भर के देश भारत की प्राचीन परंपरा को अपना रहे हैं। डॉ. मित्तल ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ‘विकसित भारत 2047 के विज़न को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों और योग में निहित भारत के शाश्वत ज्ञान के सामंजस्यपूर्ण मेल से साकार किया जा सकता है। वैश्विक स्तर पर योग के क्षेत्र में एलपीयू की उपलब्धियों का ज़िक्र करते हुए, डॉ. मित्तल ने बताया कि हाल ही में यूनिवर्सिटी के छात्रों ने पहली वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप में 12 गोल्ड मेडल जीते, जो भारत के कुल 102 गोल्ड मेडल का 12% हिस्सा है। इस अवसर पर, डॉ. मित्तल ने योग में एडवांस्ड रिसर्च और एकेडमिक एक्सीलेंस को बढ़ावा देने के लिए एलपीयू में ‘नमो योगा चेयर’ शुरू करने की भी घोषणा की। साथ ही, उन्होंने छात्रों और पूरे एलपीयू समुदाय से योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आग्रह किया।
इस कार्यक्रम में कई जाने-माने लोग शामिल हुए, जिनमें पंजाब बीजेपी अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों, सांसद और राष्ट्रीय बीजेपी महासचिव तरुण चुघ, सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी, जम्मू-कश्मीर विधानसभा के सदस्य नरिंदर सिंह रैना, पूर्व केंद्रीय मंत्री सोम प्रकाश, सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रहे और पूर्व सांसद विजय सांपला, लवली ग्रुप के चेयरमैन रमेश मित्तल और लवली ग्रुप के वाइस चेयरमैन नरेश मित्तल शामिल थे। उनकी मौजूदगी ने समारोह की शोभा बढ़ाई और राष्ट्रीय भलाई और विकास के लिए एक आंदोलन के तौर पर योग के बढ़ते महत्व को और उजागर किया।
समारोह में ‘कॉमन योग प्रोटोकॉल’ का आयोजन किया गया, जिसके दौरान प्रतिभागियों ने ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, शिशुासन, प्राणायाम और ध्यान जैसी कई योग क्रियाएं कीं। इस सेशन में शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और जीवन के सामंजस्यपूर्ण तरीके को बढ़ावा देने में योग की निरंतर प्रासंगिकता पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम का एक खास आकर्षण बड़े पैमाने पर इंसानों द्वारा बनाई गई आकृतियां थीं, जिनमें भारत का नक्शा, पवित्र ‘ॐ’ चिह्न और ’12’ व 2047 अंक दिखाए गए। जहां ’12’ का मतलब 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस था, वहीं ‘2047’ ‘विकसित भारत’ के राष्ट्रीय विजन और आज़ादी के 100 साल पूरे होने तक भारत के एक विकसित राष्ट्र बनने की आकांक्षा का प्रतीक था। ये आकृतियां एकता, सामूहिक जिम्मेदारी और राष्ट्र-निर्माण में योग की परिवर्तनकारी भूमिका की भावना को दर्शाती थीं।
‘विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप, इस कार्यक्रम में एलपीयू टाइम कैप्सूल’ पहल की शुरुआत भी हुई। प्रतिभागियों ने एक स्वस्थ, मजबूत और अधिक विकसित भारत के लिए अपनी आकांक्षाओं को दर्शाते हुए संदेश और संकल्प रिकॉर्ड किए। इन्हें एक टाइम कैप्सूल में सुरक्षित रखा गया, जिसे 2047 में भारत की आज़ादी की 100वीं वर्षगांठ के समारोह के दौरान खोला जाएगा। यह कैप्सूल देश के भविष्य के लिए वर्तमान पीढ़ी की उम्मीदों और आकांक्षाओं को संजोकर रखेगा।