
जालंधर: जून 1984 – दोषी कौन पर एक संगोष्ठी का आगाज़ गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा सेक्टर 46 में किया गया जिसमें एस वायी कुरेशी पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त, पूर्व माननीय मुख्य न्यायाधीश पटना उच्च न्यायालय इकबाल अंसारी, मुहम्मद अदीब पूर्व सांसद राजसभा , प्रो शाम सिंह अध्यक्ष केन्द्रीय सिंह सभा चंडीगढ़, डा खुशहाल सिंह महा सचिव, जग जीत सिंह रत्न गढ़ सदस्य शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबन्धक कमेटी अमृतसर , मौलाना अली अलवर, अध्यक्ष कुमार प्रशांत गांधी शांति प्रतिष्ठान और अन्य गणमान्य लोगों विशेष कर महिलाएं भी बड़ी तादाद में शामिल हुई l
मंच संचालन की जिम्मेदारी अधिवक्ता मिस कपूर ने और प्रबंधन मिस गगन ने जिम्मेदारी निभायी l
मैंने इस संगोष्ठी के आयोजन के प्रयोजन के बारे में बताया कि आज 42 वर्ष उस भयानक हालात की याद सिखों के मनों को झिंझोड देती है, न तो Blue Star Operation की सच्चाईयों का पता चल सका क्योंकि अडवाणी ने अपनी किताब my country my life में जो तथ्य पेश किए तो उससे लगता है कि संघ की मानसिकता का करा धरा है जबकि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के 2 जून 1984 और उससे पहले की अकाली दल और अन्य बैठकों का आंकलन करें तो उससे कहीं सत्य ही गुप्त अवस्था में, अभी कयी पुस्तकें और त्रिलोचन सिंह जो राष्ट्रपति भवन के अधिकारी उनके विचार आजकल मीडिया में चर्चित उससे सत्यता और धूमिल हो रही है क्योंकि इंदिरा गांधी की घोषणा में चार शब्दों ” some misguided hindus ” ये कौन थे इसका खुलासा अडवाणी की किताब से सामने आता है, यदि ऐसा तो प्रश्न उठता है तो इंदिरा गांधी की हत्या उनके अपने ही सुरक्षा तंत्र कैसे कर सकता है उसके पीछे का सच्च भी सामने नहीं आया यदि वह खुलासा हो जाता तो शायद सिखों को इस हालात से न गुजरना पड़ता, लगता है न किसी ने Blue Star Operation किया, न इंदिरा गांधी की हत्या हुई और न सिखों का संहार हुआ क्या यह मान लिया जाए, यह यक्ष प्रशन? क्योंकि कोई दोषी था ही नहीं l हमें याद करना होगा यदि 1984 न होता तो 1992 भी न होता तो 2002 भी न होता और आज भी देश उसी हालात से गुजर रहा है, मुझे हुक्म सिंह जो संविधान सभा के सदस्य थे वही थे जिन्होंने संविधान के पारित करने के समय संविधान सभा से 26.11.1949 को वाक आउट कर गए क्योंकि संविधान में उन वायदों का जिक्र तक नहीं किया गया जो गांधी, नेहरू और कॉंग्रेस ने सिख और मुस्लिम के साथ किए थे, आज के हालात ने उनकी आशंका सच्च साबित हुई, उनका कथन था “जब तक सिख और मुस्लिम देश का हिस्सा हैं तब तक देश की धर्म निरपेक्षता को कोई खतरा नहीं ” इसलिए सिख और मुस्लिम का दायित्व है कि इस पर डटे रहना पड़ेगा ताकि नफरत के माहौल से निजात मिल सके l यह समय We the people का है आओ मिलकर आज संकल्प लें l
मैं सभी का आभारी हूं जिन्होंने अपने विचारों से सभी को अवगत करवाया और दिशा निर्धारित करने का मार्ग दर्शन किया, गुरुद्वारा प्रबंधकों का भी तह दिल से शुक्रिया जिनके कारण इस संगोष्ठी को कर सके, केंद्रीय सिंह सभा चंडीगढ़, उपकार सिंह और उनके साथी फरीदाबाद से शामिल हुए l
दया सिंह
संयोजक