एपीजे एजुकेशन की चेयरपर्सन श्रीमती सुषमा पॉल बर्लिया तथा डॉ. नेहा बर्लिया जी के प्रेरणादायी मार्गदर्शन एवं दूरदर्शी नेतृत्व में एपीजे स्कूल, मॉडल टाउन, जालंधर में एपीजे एजुकेशन सोसाइटी की प्रथम महिला, पूजनीय श्रीमती राजेश्वरी पॉल जी की 102वीं जयंती श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर उनके दूरदर्शी नेतृत्व, करुणामयी व्यक्तित्व तथा शिक्षा एवं राष्ट्र-निर्माण के प्रति उनके आजीवन समर्पण को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ विशेष प्रातःकालीन प्रार्थना सभा से हुआ। इस दौरान दीप प्रज्ज्वलित कर तथा पूजनीय श्रीमती राजेश्वरी पॉल जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। भक्तिमय भजनों की मधुर प्रस्तुति ने संपूर्ण वातावरण को श्रद्धा एवं आध्यात्मिकता से ओत-प्रोत कर दिया।
विद्यार्थियों ने उनकी प्रेरणादायी विरासत को समर्पित एक भावपूर्ण कविता प्रस्तुत कर अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। इसके पश्चात भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती मनोहारी शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुति ने सभी उपस्थित जनों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘राजेश्वरी कला उत्सव’ रहा जिसमे विद्यार्थियों द्वारा आयोजित कला प्रदर्शनी रही, जिसमें करुणा, सेवा और शिक्षा जैसे विषयों पर आधारित आकर्षक एवं सृजनात्मक कलाकृतियों का प्रदर्शन किया गया। विद्यार्थियों की कलात्मक अभिव्यक्तियों में पूजनीय श्रीमती राजेश्वरी पॉल जी के जीवन मूल्यों एवं आदर्शों की सुंदर झलक दिखाई दी।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. राजेश चंदेल जी ने श्रीमती सुषमा पॉल बर्लिया, (चेयरपर्सन, एपीजे एजुकेशन सोसाइटी) का भावपूर्ण संदेश पढ़कर सुनाया। अपने संदेश में उन्होंने अपनी पूजनीय माताजी के स्नेह, मानवीय मूल्यों तथा शिक्षा एवं समाज सेवा के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
अपने संबोधन में प्रधानाचार्य डॉ. राजेश चंदेल ने विद्यार्थियों को निःस्वार्थ सेवा, समर्पण, दृढ़ संकल्प एवं उत्कृष्टता के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा प्रत्येक क्षेत्र में श्रेष्ठ उपलब्धियाँ प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों एवं समस्त स्टाफ द्वारा सत्यनिष्ठा, उत्कृष्टता तथा समग्र विकास के मूल्यों का पालन करने की सामूहिक प्रतिज्ञा के साथ हुआ। सभी ने संकल्प लिया कि वे पूजनीय श्रीमती राजेश्वरी पॉल जी के दूरदर्शी विचारों, आदर्शों एवं मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात करते हुए एपीजे परिवार की गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाते रहेंगे।