जालंधर, 9 जुलाई पंजाब के हज यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर मुस्लिम संगठन पंजाब के प्रतिनिधिमंडल एडवोकेट नईम खान, सरपरस्त हाजी आबिद हसन सलमानी, जनरल सेक्रेटरी मजहर आलम मजाहिरी व मंजुर सलमानी ने मुख्यमंत्री पंजाब के नाम डिप्टी कमिश्नर जालंधर वरजीत वालिया (आईएएस) के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। संगठन ने हज यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और सम्मानजनक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार से व्यापक स्तर पर ठोस कदम उठाने की मांग की।
मुस्लिम संगठन पंजाब के प्रधान एडवोकेट नईम खान ने कहा कि हज मुसलमानों की सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक यात्राओं में से एक है। सरकार का दायित्व है कि पंजाब से जाने वाले हज यात्रियों को हर स्तर पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि हज यात्रियों की समस्याओं का समाधान केवल औपचारिक घोषणाओं से नहीं, बल्कि प्रभावी प्रशासनिक व्यवस्था और मजबूत समन्वय से संभव है।
ज्ञापन में सबसे प्रमुख मांग पंजाब से हज यात्रियों का कोटा बढ़ाने की उठाई गई। संगठन ने राज्य सरकार से आग्रह किया कि वह केंद्र सरकार और हज कमेटी ऑफ इंडिया के समक्ष प्रभावी पैरवी कर पंजाब के अधिक से अधिक लोगों को हज का अवसर दिलाने का प्रयास करे।
इसके अलावा पंजाब का हज कोटा 340 से बढ़कर 2000 किया जाए, राज्य स्तरीय हज फैसिलिटेशन सेल की स्थापना, प्रत्येक जिले में निःशुल्क हज प्रशिक्षण एवं ओरिएंटेशन शिविर, पंजाब के सभी सिविल अस्पतालों में हज यात्रियों के लिए स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए। विभिन्न जिलों से हज प्रस्थान केंद्र तक सुविधाजनक परिवहन, हज सीजन के दौरान 24 घंटे हेल्पलाइन नम्बर, वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष सहायता तथा राज्य सरकार की ओर से नोडल अधिकारी की नियुक्ति की मांग भी की गई।
संगठन ने प्रत्येक जिले में ‘हज मंज़िल’ भवनों के निर्माण और हज संबंधी जागरूकता कार्यक्रमों के लिए आर्थिक एवं प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराने की मांग भी प्रमुखता से उठाई।
एडवोकेट नईम खान ने कहा कि यह किसी एक संगठन की नहीं, बल्कि पंजाब के हजारों हज यात्रियों की भावनाओं और सुविधाओं से जुड़ा विषय है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया