जालंधर: कैंपस-आधारित स्टार्टअप्स और उद्योग-अकादमिक सहयोग को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए, सीटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, मकसूदां कैंपस ने “Empowering Innovation and Entrepreneurship” विषय पर एक सप्ताह का उच्च-स्तरीय हाइब्रिड फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम सफलतापूर्वक आयोजित किया।

इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम का आयोजन कंप्यूटर एप्लीकेशंस विभाग एवं रिसर्च विभाग द्वारा टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर फाउंडेशन (TBIF), आईआईटी रोपड़ तथा बिजनेस इनक्यूबेशन सेंटर (BIC), आई.के. गुज्राल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी (IKGPTU) के रणनीतिक सहयोग से किया गया।

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण IIT रोपड़ स्थित TBIF का विशेष एक्सपोजर विजिट रहा, जहां प्रतिभागियों को अत्याधुनिक इनोवेशन इंफ्रास्ट्रक्चर, उन्नत सुविधाओं तथा स्टार्टअप सपोर्ट सिस्टम का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ। फैकल्टी सदस्यों ने स्टार्टअप संस्थापकों के साथ संवादात्मक सत्रों में भाग लेकर व्यावहारिक एवं उपयोगी जानकारी हासिल की।

इस पांच दिवसीय कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों, शोधकर्ताओं एवं अकादमिक नेतृत्व को उच्च शिक्षा संस्थानों में स्टार्टअप संस्कृति विकसित करने हेतु आवश्यक ज्ञान एवं कौशल प्रदान करना था। कार्यक्रम में इनक्यूबेशन मैनेजमेंट, कैंपस इनक्यूबेशन सेंटर की स्थापना, बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR), टेक्नोलॉजी का व्यावसायीकरण तथा विभिन्न सरकारी स्टार्टअप योजनाओं पर विशेष रूप से चर्चा की गई।

कार्यक्रम के दौरान TBIF की सीईओ सुश्री करुणा कंवर सहित डॉ. आशीष अरोड़ा, सीए साहिल मक्कड़, सुश्री अनीमा मिश्रा, डॉ. एम.एस. बेदी एवं डॉ. कविता सिंगला जैसे विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा करते हुए प्रतिभागियों को मार्गदर्शन प्रदान किया।

सीटी ग्रुप के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. नितिन टंडन ने कहा कि सतत सीखने की प्रक्रिया एवं उद्योग-अकादमिक सहयोग एक मजबूत इनोवेशन इकोसिस्टम की आधारशिला हैं। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रम शिक्षकों को भविष्य के नवोन्मेषकों का मार्गदर्शन करने के लिए सक्षम बनाते हैं।

डायरेक्टर कैंपस डॉ. अनुराग शर्मा ने कहा कि यह कार्यक्रम संस्थान की नवाचार, शोध एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

कार्यक्रम का समापन प्रमाण-पत्र वितरण समारोह के साथ हुआ, जो शैक्षणिक परिसरों को स्टार्टअप केंद्रों में परिवर्तित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।