
चंडीगढ़, 9 सितंबर 2026:
राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने महेश कुमार, हेल्प डेस्क कर्मचारी, सेवा केंद्र, नूरमहल, जिला जालंधर को 7,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
आज यहां यह जानकारी देते हुए राज्य विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि उक्त आरोपी को गांव नूरमहल, जिला जालंधर निवासी एक व्यक्ति द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता के एक रिश्तेदार ने 24 अगस्त 2026 को सेवा केंद्र, नूरमहल में विवाह प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए आवेदन किया था। इसके बाद वह महेश कुमार, हेल्प डेस्क कर्मचारी, सेवा केंद्र नूरमहल से मिला और विवाह प्रमाण पत्र जल्द जारी करने का अनुरोध किया। आरोपी महेश कुमार ने यह प्रमाण पत्र शीघ्र जारी करवाने के बदले 7,000 रुपये रिश्वत की मांग की तथा कहा कि प्रमाण पत्र दो दिनों के भीतर जारी कर दिया जाएगा। शिकायतकर्ता ने रिश्वत की मांग से संबंधित बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया।
रिश्वत देने का इच्छुक न होने पर शिकायतकर्ता ने विजिलेंस ब्यूरो रेंज, जालंधर से संपर्क किया। उसकी शिकायत पर कार्रवाई करते हुए विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाया। इस दौरान आरोपी महेश कुमार को दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता से 7,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।
इस संबंध में आरोपी के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो थाना जालंधर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।



