

दिल्ली: कुछ महीने पहले तक गैस सिलेंडर लेने के लिए लंबी-लंबी लाइनें लगानी पड़ती थीं अब जब सप्लाई बेहतर हुई है, तो गांवों में कहानी थोड़ी बदल गई है गांवों और कस्बों में बड़े होटल, ढाबे या रेस्टोरेंट कम होते हैं इस वजह से 19 किलो वाले भारी-भरकम कमर्शियल सिलेंडरों की खपत काफी कम रहती है गैस एजेंसियों का नियम है कि जब उन्हें नई डिलीवरी मिलती है, तो उन्हें उतने ही खाली सिलेंडर वापस जमा करने होते हैं अगर खाली सिलेंडर वापस नहीं गए, तो आगे की सप्लाई अटक सकती है ऐसे में स्टॉक जमा होने और खाली सिलेंडर की साइकिल बनाए रखने के लिए स्थानीय गैस एजेंसियां कमर्शियल सिलेंडर पर खुद से डिस्काउंट देकर उन्हें जल्दी निकाल रही हैं ग्रामीण इलाकों के गैस उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक और बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है पहले गांव-देहात में घरेलू सिलेंडर बुक करने के बाद अगला सिलेंडर बुक करने के लिए 45 दिनों का इंतजार करना पड़ता था अब गैस सप्लाई बेहतर होने और बैकलॉग खत्म होने के बाद इस अंतर को घटाकर 25 दिन कर दिया गया है इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम , तीनों कंपनियों ने यह नया नियम लागू कर दिया है. यानी अब शहरों की तरह गांव के लोग भी हर 25 दिन में नया घरेलू सिलेंडर बुक कर सकेंगे



