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सीटी विश्वविद्यालय की शक्ति खिलाड़ी स्नेहा घरामी ने विनिपेग में रचा राष्ट्रमंडल इतिहास

सीटी विश्वविद्यालय ने अपनी खेल उपलब्धियों में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ते हुए इतिहास रच दिया है। सीटी विश्वविद्यालय की शक्ति खिलाड़ी स्नेहा घरामी ने कनाडा के विनिपेग में आयोजित २०२६ राष्ट्रमंडल शक्ति भारोत्तोलन प्रतियोगिता में कनिष्ठ ७६ किलोग्राम भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

स्नेहा ने बैठक उठान, वक्ष उठान और मृत उठान — तीनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक हासिल किए। इसके साथ ही उन्होंने ५०० किलोग्राम के शानदार कुल भार के साथ समग्र स्वर्ण पदक भी अपने नाम किया।

स्नेहा ने बैठक उठान में १९० किलोग्राम, वक्ष उठान में १२० किलोग्राम और मृत उठान में १९० किलोग्राम भार उठाकर तीनों स्पर्धाओं में नए राष्ट्रमंडल कीर्तिमान स्थापित किए। उनका यह प्रदर्शन केवल शारीरिक शक्ति का प्रमाण नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन, त्याग, निरंतर अभ्यास और दृढ़ संकल्प का परिणाम है।

सीटी विश्वविद्यालय के लिए यह उपलब्धि केवल पदकों और कीर्तिमानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक युवा खिलाड़ी की उस प्रेरणादायक यात्रा की कहानी है, जिसने अथक मेहनत को अंतरराष्ट्रीय गौरव में बदल दिया।

स्नेहा की ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई देते हुए सीटी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सरदार चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा, “स्नेहा की उपलब्धि पूरे सीटी विश्वविद्यालय परिवार के लिए अत्यंत गर्व का क्षण है। तीनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतना और तीन नए राष्ट्रमंडल कीर्तिमान स्थापित करना वास्तव में असाधारण है। उनकी सफलता दृढ़ संकल्प, अनुशासन और निरंतर प्रयास का प्रमाण है। यह साबित करता है कि सही अवसर और अटूट प्रतिबद्धता के साथ हमारे विद्यार्थी विश्व मंच पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।”

सीटी विश्वविद्यालय के प्रति-कुलाधिपति डॉ. मनबीर सिंह ने कहा, “स्नेहा की यह उपलब्धि उनके साथ-साथ पूरे सीटी विश्वविद्यालय के खेल समुदाय के लिए गौरव का विषय है। ५०० किलोग्राम का कुल भार और तीन राष्ट्रमंडल कीर्तिमान उनकी असाधारण शक्ति, एकाग्रता और निरंतरता को दर्शाते हैं। हर पदक के पीछे अनगिनत घंटों की मेहनत और त्याग होता है। स्नेहा ने उच्चतम स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का साहस दिखाया है और उनकी उपलब्धि अनेक युवा विद्यार्थियों को अपनी क्षमता पर विश्वास करने के लिए प्रेरित करेगी।”

इस उपलब्धि के पीछे सीटी विश्वविद्यालय के विद्यार्थी कल्याण विभाग के निदेशक अभियंता दविंदर सिंह और खेल प्रमुख गुरदीप सिंह के निरंतर प्रोत्साहन और सहयोग की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर प्रदान करने के उनके प्रयास सीटी विश्वविद्यालय की उस प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं, जिसके तहत विद्यार्थियों के समग्र विकास और खेल प्रतिभा को समान महत्व दिया जाता है।

विनिपेग में स्नेहा की यह जीत केवल तीन स्वर्ण पदकों और तीन नए कीर्तिमानों की कहानी नहीं है। यह हर उठाए गए भार के पीछे छिपे अनुशासन, संघर्ष, दृढ़ता और सपनों की कहानी है, जिसने एक युवा खिलाड़ी को अभ्यास मैदान से राष्ट्रमंडल के गौरवपूर्ण मंच तक पहुंचाया।

५०० किलोग्राम का कुल भार, तीन राष्ट्रमंडल कीर्तिमान और समग्र स्वर्ण पदक — स्नेहा घरामी ने सचमुच सीटी विश्वविद्यालय का नाम नई ऊंचाइयों तक उठा दिया है।

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