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भाजपा का नारा — नशा खत्म करना सारा” एस. आर. लद्धड़ ने कहा—पंजाब के युवाओं का भविष्य नशे के हवाले नहीं किया जा सकता।

पूर्व आईएएस अधिकारी एवं वरिष्ठ भाजपा नेता श्री एस. आर. लद्धड़ ने पंजाब में नशे की समस्या को लेकर भगवंत मान सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि पंजाब के लोग अब केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि नशे के कारोबार के खिलाफ दिखाई देने वाली और परिणाम देने वाली कार्रवाई चाहते हैं।

श्री लद्धड़ ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने जालंधर में स्पष्ट समयसीमा के साथ पंजाब को नशामुक्त करने का संकल्प दोहराया है। भाजपा ने 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब को नशामुक्त करने का लक्ष्य रखा है। यह घोषणा भाजपा की 13 दिवसीय “नशा मुक्त पंजाब यात्रा” के समापन अवसर पर की गई, जो राज्य के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरी।

श्री लद्धड़ ने कहा:

“पंजाब के लोग पूछ रहे हैं—यदि सरकार लगातार नशे के खिलाफ अभियान चला रही है, तो आज भी नशा गांवों, शहरों और नौजवानों तक कैसे पहुंच रहा है? आखिर वह सप्लाई लाइन कौन चला रहा है और उसे रोकने की जिम्मेदारी किसकी है?”

उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार ने नशे के खिलाफ कार्रवाई के बड़े-बड़े दावे किए हैं। पंजाब पुलिस के अनुसार पिछले चार वर्षों में 10,000 से अधिक नशा तस्करों की गिरफ्तारी और ₹772 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त/ध्वस्त करने जैसी कार्रवाई की गई है।

“लेकिन सवाल कार्रवाई की संख्या का नहीं, परिणाम का है। जब तक आम परिवार यह महसूस नहीं करता कि उसके बच्चे सुरक्षित हैं और नशा उसकी गली तक नहीं पहुंच सकता, तब तक सरकार को अपने दावों की प्रभावशीलता पर जनता के सामने जवाब देना होगा,” श्री लद्धड़ ने कहा।

उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान के सितंबर 2026 में दिए गए उस बयान का भी उल्लेख किया जिसमें मुख्यमंत्री ने नशे के खिलाफ अभियान को “अंतिम चरण” में बताते हुए पेडलरों और तस्करों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए थे।

श्री लद्धड़ ने सवाल उठाया:

“यदि अभियान अंतिम चरण में पहुंच चुका है, तो फिर पंजाब के माता-पिता को अपने बच्चों के भविष्य की चिंता क्यों करनी पड़ रही है? सरकार को भाषण नहीं, जमीन पर परिणाम दिखाने होंगे।”

उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में केवल छोटे पेडलरों को पकड़ना पर्याप्त नहीं है। बड़े तस्करों, वित्तीय नेटवर्क, सप्लाई चेन और उनके संभावित संरक्षण तंत्र तक पहुंचना होगा। साथ ही नशे के आदी युवाओं के उपचार और पुनर्वास को भी उतनी ही प्राथमिकता देनी होगी।

श्री लद्धड़ ने कहा कि पंजाब पुलिस और प्रशासन के ईमानदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण है, लेकिन किसी भी राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण की संभावना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ कार्रवाई राजनीतिक भेदभाव से मुक्त और कानून के अनुसार होनी चाहिए।

उन्होंने कहा:

“पंजाब की एक पूरी पीढ़ी का सवाल है। नशे के खिलाफ लड़ाई में न कोई राजनीतिक संरक्षण होना चाहिए, न कोई समझौता और न कोई दोहरा मापदंड। जो भी कानून तोड़े—उसकी पहचान और राजनीतिक संबंध देखे बिना कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।”

श्री लद्धड़ ने कहा कि श्री अमित शाह द्वारा 31 दिसंबर 2029 की समयसीमा निर्धारित करना अब एक स्पष्ट सार्वजनिक लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य की सफलता को केवल राजनीतिक भाषणों से नहीं, बल्कि नशे की उपलब्धता में कमी, तस्करी नेटवर्क के विनाश, युवाओं के पुनर्वास और अपराध में कमी जैसे ठोस परिणामों से मापा जाना चाहिए।

हेलिपैड पर श्री अमित शाह का स्वागत करने के अवसर को याद करते हुए श्री लद्धड़ ने कहा कि पंजाब को नशे से मुक्त करने का संकल्प अब केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे जन-अभियान और समयबद्ध प्रशासनिक मिशन बनाया जाना चाहिए।

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