

जहां स्वार्थ समाप्त होता है, मानवता वहीं से प्रारंभ होती है।
मानव योनि में जन्म लेना मात्र मानवता का प्रमाण नहीं है। यदि मनुष्य के भीतर स्वार्थ की भावना भरी हुई हो तो वह मानव होते हुए भी राक्षसी वृत्तियों के समीप खड़ा रहता है। किंतु जब व्यक्ति स्वार्थ का परित्याग कर परमार्थ भाव से जीवन यापन करता है, तभी वह सुदृढ़ मानवता की श्रेष्ठ श्रेणी में स्थित होकर परोपकार एवं सेवा की राह पर अग्रसर होता है। परमार्थ ही मनुष्य को महान बनाता है।
पंचम दिवस की कथा में पूतना चरित्र का रसपूर्ण वर्णन करते हुए परम श्रद्धेय आचार्य गौरव कृष्ण गोस्वामी जी महाराज ने बताया कि कंस ने अहंकारवश स्वयं को सर्वश्रेष्ठ समझ लिया था। जो भी उसका विरोध करे, उसे मार डालने का आदेश देते हुए उसने ब्रज में जन्मे सभी बालकों की हत्या का षड्यंत्र रचा और इसी उद्देश्य से उसने पूतना को भेजा। किन्तु प्रभु श्रीकृष्ण ने पूतना को मोक्ष प्रदान किया।
आचार्य श्री ने बताया कि कंस प्रतापी राजा उग्रसेन का पुत्र होते हुए भी अपने स्वार्थ और दुराचरण के कारण राक्षस प्रवृत्ति का अधिकारी बन गया, जिसका अंत स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने किया।
माखन चोरी लीला पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि गोकुल का दूध, दही और माखन कंस के अनुचरों को बलवान बनाकर अधर्म को बढ़ावा दे रहा था। अतः भगवान श्रीकृष्ण ने उसे ग्वाल-बालों को खिलाया ताकि वे बलवान बनें और अधर्मी अनुचरों पर विजय प्राप्त कर सकें।
प्रभु का ग्वाल-बालों से प्रेम इतना अद्भुत था कि वे उनके साथ बैठकर भोजन करते और उनका जूठन तक प्रेमपूर्वक स्वीकार कर लेते थे।
*आचार्य श्री ने कहा* —
“हम वस्तुओं से प्रेम करते हैं और मनुष्यों का उपयोग करते हैं, जबकि होना यह चाहिए कि हम वस्तुओं का उपयोग करें और मनुष्यों से प्रेम करें।”
प्रेम की भाषा ऐसी है जिसे बहरे भी सुन सकते हैं और गूंगे भी समझ सकते हैं। यही शिक्षा माखन चोरी लीला हमें प्रदान करती है।
इस अवसर पर विशेष तौर पर उपस्थित हुए यशपाल चौधरी, अभिषेक चौधरी, सुनील नय्यर, उमेश औहरी, संदीप मलिक, चंदन वडेरा, ब्रिज मोहन चड्ढा, महेश मखीज, अंकुश जुनेजा, अश्वनी कुमार ( आशू ), संजय सहगल, हेमंत थापर, राजवंश मल्होत्रा, देवेंद्र अरोड़ा, हरीश कोहली, रिंकू मल्होत्रा, बलविंदर शर्मा, विजय शर्मा, सोनू चोपड़ा, सुमित गोयल, पंडित श्री कपिल देव शर्मा, संदीप कुमार, भूपेंद्र सिंह (बिल्ला), तरुण सरीन, जितेंद्र सोनू, राजेश बीगामल, तरसेम रिंकू, अरुण मल्होत्रा, राहुल शर्मा, राहुल बाहरी, देवेंद्र वर्मा, नरेंद्र वर्मा
*विशेष महोत्सव*-
आज के दिवस पर श्री गिरिराज पूजन (छप्पन भोग महोत्सव) अत्यंत धूम-धाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया।



