

नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए पुलिस को पूरी स्वतंत्रता, सरकार नहीं करेगी कोई हस्तक्षेप
पुलिस को जल्द मिलेंगे 117 नए वाहन, ‘युद्ध नशਿਆਂ विरुद्ध’ अभियान को और तेज किया जाएगा
दिल्ली, यूपी और हरियाणा में भी खुलेआम बिक रहे नशे, फिर भी पंजाब को किया जा रहा बदनाम: मुख्यमंत्री
केंद्र सरकार पंजाब को बदनाम करने के बजाय अंतरराष्ट्रीय सीमा और गुजरात से आने वाले नशे पर लगाए रोक
मानसा में समाजसेवी की हत्या के पीछे साजिश रचने वालों को भी मिलेगी सख्त सजा: मुख्यमंत्री
फिल्लौर पुलिस अकादमी में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘युद्ध नशਿਆਂ विरुद्ध’ अभियान की समीक्षा की
फिल्लौर, 16 अक्टूबर 2026। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य से नशे का पूरी तरह खात्मा करना पंजाब सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए पंजाब पुलिस को पूरी स्वतंत्रता दी गई है और इस कार्रवाई में सरकार की ओर से किसी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री शुक्रवार को फिल्लौर स्थित पंजाब पुलिस अकादमी में ‘युद्ध नशਿਆਂ विरुद्ध’ अभियान की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने पुलिस विभाग को मजबूत करने और नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के लिए डीएसपी स्तर के अधिकारियों हेतु 117 नए वाहनों को मंजूरी देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसे जन आंदोलन बनाना होगा। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में भी नशे की बिक्री हो रही है, लेकिन पंजाब और पंजाबियों को निशाना बनाकर बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने केंद्र से अपील की कि पंजाब को बदनाम करने के बजाय अंतरराष्ट्रीय सीमा और गुजरात से नशे की आपूर्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि मानसा में एक समाजसेवी की हत्या के मामले में जिम्मेदार लोगों को कानून के अनुसार सख्त सजा दिलाई जाएगी।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने संदेश में कहा कि उन्होंने फिल्लौर स्थित पंजाब पुलिस अकादमी में ‘युद्ध नशਿਆਂ विरुद्ध’ अभियान की समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि पुलिस को बिना किसी सिफारिश या हस्तक्षेप के अपना कर्तव्य निभाने की पूरी स्वतंत्रता दी गई है। पुलिस विभाग को और मजबूत करने के लिए डीएसपी अधिकारियों हेतु 117 नए वाहनों को मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि गुरुओं और संतों की पवित्र धरती पंजाब पर नशे का कलंक नहीं लगने दिया जाएगा। महाराजा रणजीत सिंह के न्याय के सिद्धांतों से प्रेरणा लेते हुए सभी को मिलकर ‘रंगला पंजाब’ के निर्माण के लिए आगे आना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘युद्ध नशਿਆਂ विरुद्ध’ अभियान राज्य और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से एक व्यापक जन आंदोलन बन रहा है। नशा केवल कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं, बल्कि एक गंभीर सामाजिक बुराई है, जो हजारों युवाओं के सपनों, आकांक्षाओं और जीवन को प्रभावित कर रही है। पंजाब सरकार नशे के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने और राज्य की पुरानी शान बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि इस अभियान को स्थायी सफलता तभी मिल सकती है, जब प्रत्येक नागरिक इसमें सक्रिय भूमिका निभाए। हर परिवार, गांव, मोहल्ले और जिम्मेदार नागरिक को नशे के खिलाफ एकजुट होना होगा। पंजाब के युवाओं का भविष्य दांव पर है और इस गंभीर समस्या के प्रति चुप रहना उचित नहीं है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार ने नशे की समस्या से निपटने के लिए व्यापक रणनीति अपनाई है, जिसके तहत नशे की आपूर्ति और मांग, दोनों पक्षों पर कार्रवाई की जा रही है। नशा तस्करों के खिलाफ लगातार की जा रही कार्रवाई से आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने में मदद मिली है। सरकार उन सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगी, जो पंजाब के युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि नशे की लत से पीड़ित लोगों को केवल अपराधी के रूप में नहीं देखना चाहिए, बल्कि उन्हें ऐसे लोगों के रूप में समझना चाहिए, जिन्हें देखभाल, सहानुभूति, उपचार और सामान्य जीवन में लौटने का अवसर चाहिए। इसके विपरीत, नशीले पदार्थों का निर्माण करने, तस्करी करने और बेचकर युवाओं की जिंदगी बर्बाद करने वालों को कानून के तहत कड़ी सजा का सामना करना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार नशा तस्करी के पूरे गठजोड़ को तोड़ने और अभियान का लाभ राज्य के प्रत्येक गांव तथा शहर तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि वे बिना किसी डर के नशा तस्करी से संबंधित विश्वसनीय जानकारी प्रशासन और पुलिस के साथ साझा करें तथा कानून लागू करने वाली एजेंसियों को सहयोग दें।
युवाओं को खेलों से जोड़कर नशे से दूर रखा जाएगा
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने में खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। खेलों से अनुशासन, टीम भावना, दृढ़ संकल्प और लक्ष्य के प्रति समर्पण की भावना विकसित होती है। खेल युवाओं को नशे से दूर रहने और जीवन में आगे बढ़ने के सकारात्मक अवसर प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि खेल का मैदान नशे के अड्डों के खिलाफ सबसे मजबूत ढाल बन सकता है। खेल युवाओं को एक लक्ष्य, टीम के साथ जुड़ने का अवसर और अपने सपनों को पूरा करने की प्रेरणा देते हैं। सरकार गांवों, कस्बों और शहरों में खेल सुविधाओं तथा खेल के अवसरों को बढ़ावा दे रही है, ताकि अधिक से अधिक युवा अपनी प्रतिभा निखार सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि पंजाब के युवाओं के हाथों में नशे के बजाय खेल किट हों, उनके गले में पदक हों और उनके दिलों में गर्व की भावना हो। उद्देश्य केवल राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करना नहीं, बल्कि एक स्वस्थ, आत्मविश्वासी और नशामुक्त पीढ़ी का निर्माण करना भी है।
उन्होंने ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ खेल पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आयोजन विभिन्न आयु वर्गों के लोगों को खेलों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। इसमें तीन पीढ़ियों के लोग एक साथ भाग ले रहे हैं। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों की बढ़ती भागीदारी पंजाब की पारंपरिक खेल संस्कृति को पुनर्जीवित करने के साथ-साथ सामाजिक संबंधों को भी मजबूत कर रही है।
मुख्यमंत्री ने परिवारों से अपील की कि वे अपने बच्चों को खेलों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों, सामुदायिक संगठनों और गांव स्तर की संस्थाओं से खेल मैदानों को सकारात्मक गतिविधियों के केंद्र बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब दादा-दादी, माता-पिता और बच्चे एक साथ खेलों में हिस्सा लेते हैं, तो इससे न केवल स्वास्थ्य बेहतर होता है, बल्कि समाज में आपसी संबंध भी मजबूत होते हैं।
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में भागीदारी के लिए लोगों से अपील
मुख्यमंत्री ने राज्य के खेल प्रेमियों और नागरिकों से 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक होने वाली पुरुष एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में उत्साहपूर्वक भाग लेने और खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी पंजाब की गौरवशाली खेल विरासत का उत्सव मनाने और अगली पीढ़ी को प्रेरित करने का अवसर है।
उन्होंने कहा कि पंजाब ने भारतीय हॉकी और अन्य खेलों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। राज्य सरकार पंजाब को खेलों के क्षेत्र में अग्रणी स्थान पर वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार उभरते खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के अधिक अवसर उपलब्ध करवाती रहेगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि पंजाब की खेल भावना विभिन्न समुदायों के लोगों को एकजुट करने और नशे के खिलाफ सामूहिक संकल्प को मजबूत करने में मदद करेगी।
पंजाब पुलिस की भूमिका की सराहना
मुख्यमंत्री ने पंजाब पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि इस बल ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी अपनी क्षमता साबित की है और नशे के खिलाफ लड़ाई में भी उल्लेखनीय सफलता हासिल करेगा। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से ईमानदारी, निष्पक्षता और बिना किसी भय या पक्षपात के अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि सरकार उन अधिकारियों के साथ मजबूती से खड़ी है, जो पेशेवर तरीके से काम करते हैं, कानून का पालन करते हैं और जनहित को सर्वोपरि रखते हैं। नशे के खिलाफ कार्रवाई का उद्देश्य उन लोगों को जवाबदेह बनाना है, जो लोगों की जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं और युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
मानसा हत्याकांड की गहन जांच होगी
मानसा में समाजसेवी की हत्या की घटना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और दोषियों को कानून के अनुसार सख्त सजा दिलाई जाएगी। घटना के हर पहलू की गहन जांच की जाएगी तथा जांच के दौरान यदि किसी साजिश की पुष्टि होती है, तो उसे भी उजागर किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि किसी भी गलत कार्य में शामिल व्यक्ति को जवाबदेही से बचने नहीं दिया जाएगा। कानून अपना काम करेगा और पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी घटनाओं से समाज के कल्याण के लिए ईमानदारी से काम करने वाले लोगों का मनोबल कमजोर नहीं पड़ना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे ईमानदारी, निडरता और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाएं। प्रत्येक सरकारी कर्मचारी से सत्यनिष्ठा, जवाबदेही और जनसेवा की अपेक्षा की जाती है।
शिक्षा सुधारों से युवाओं का भविष्य संवारने पर जोर
मुख्यमंत्री ने स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि निरंतर सुधारों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान देने से राज्य शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। शिक्षा में निवेश पंजाब के भविष्य में निवेश है, जो सामान्य परिवारों के बच्चों को भी ऊंचे लक्ष्य हासिल करने के अवसर प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि सरकार शैक्षणिक संस्थानों को मजबूत करने, विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार लाने और सामाजिक या आर्थिक पृष्ठभूमि से परे सभी बच्चों को आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, खेलों के अवसर और नशे के खिलाफ निरंतर अभियान मिलकर युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। पंजाब का भविष्य युवाओं को शिक्षा, रोजगार के अवसर, खेल सुविधाएं और नशामुक्त वातावरण उपलब्ध करवाने पर निर्भर करता है।
उन्होंने नागरिकों से राजनीतिक और व्यक्तिगत मतभेदों से ऊपर उठकर इस साझा उद्देश्य के लिए एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह मिशन किसी व्यक्ति, पार्टी या सरकार से बड़ा है। इसका उद्देश्य बच्चों को बचाना, परिवारों की रक्षा करना और पंजाब के भविष्य को सुरक्षित बनाना है। सामूहिक प्रयासों से नशे की बुराई को हराकर, खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करके और युवाओं को सम्मान के साथ अपने सपने पूरे करने के अवसर देकर एक बेहतर पंजाब का निर्माण किया जा सकता है।
केंद्र से साझा जिम्मेदारी निभाने की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब पंजाब पूरे देश के हित में नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है, तब केंद्र सरकार राज्य के प्रयासों पर सवाल उठा रही है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा के साथ 50 किलोमीटर तक का क्षेत्र सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के अधिकार क्षेत्र में आता है, जबकि पंजाब सरकार अपने युवाओं और आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित रखने के लिए नशे के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है।
उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पंजाब की नहीं, बल्कि पूरे देश की लड़ाई है। इसके लिए सभी संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय, साझा जिम्मेदारी और निर्णायक कार्रवाई जरूरी है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, हरपाल सिंह चीमा, डॉ. बलबीर सिंह और तरुणप्रीत सिंह सोंद, पंजाब पुलिस के महानिदेशक गौरव यादव तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।



