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मंथन 2.0 – सी.बी.एस.ई राष्ट्रीय शतरंज चैंपियनशिप 2026: पहले दौर के साथ ही बिछी शह और मात की बिसात, ला ब्लॉसम्स स्कूल में देश भर के नन्हे उस्तादों के बीच कड़े मुकाबले की शुरुआत

जालंधर, 16 अक्टूबर 2026: शिक्षा और खेल के क्षेत्र में अपनी एक अनूठी पहचान रखने वाले प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान ला ब्लॉसम्स स्कूल, जालंधर के प्रांगण में ‘मंथन 2.0 – सी.बी.एस.ई नेशनल चेस चैंपियनशिप 2026’ का भव्य और ऐतिहासिक आगाज़ हो चुका है। इस राष्ट्रीय स्तर की महाप्रतियोगिता में देश के कोने-कोने से आए सैकड़ों प्रतिभाशाली और असाधारण युवा शतरंज खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। यह आयोजन मात्र एक प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि यह युवा मस्तिष्कों की तीक्ष्ण रणनीति, गहन एकाग्रता, मानसिक दृढ़ता और उत्कृष्ट खेल भावना का एक ऐसा जीवंत उत्सव है, जहाँ हर एक चाल एक नई कहानी लिख रही है।
प्रतियोगिता के उद्घाटन और पहले ही दौर से खिलाड़ियों के बीच काँटे की टक्कर और गजब का उत्साह देखने को मिला है। चौंसठ खानों के इस खेल में आठ अलग-अलग आयु वर्ग की श्रेणियों में आयोजित किए जा रहे इन मुकाबलों में देश भर के विभिन्न राज्यों से आए अग्रणी स्कूलों ने अपनी मज़बूत चालों के बदौलत अंक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल करने के लिए अपनी दावेदारी पेश कर दी है। पहले दौर की रोमांचक समाप्ति के बाद बालक और बालिका वर्ग की विभिन्न श्रेणियों में शीर्ष पर रहने वाले स्कूलों का विवरण इस प्रकार है:

बालक वर्ग में शुरुआती दौर के विजेता:

* अंडर-11 बॉयज (11 वर्ष से कम आयु वर्ग): इस श्रेणी में इंडियन स्कूल बुशर के नन्हे खिलाड़ियों ने अपने अद्भुत मानसिक कौशल और एकाग्रता का परिचय देते हुए पहले राउंड के बाद अंक तालिका में सर्वोच्च स्थान हासिल किया है।
* अंडर-14 बॉयज : रणनीतिक चालों और आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए वेलाम्मल विद्यालय एनेक्सचर की टीम ने पहले ही दौर में अपना दबदबा कायम किया और अंक तालिका में शीर्ष पर जगह बनाई।
* अंडर-17 बॉयज : धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी वाराणसी के सनबीन स्कूल, अन्नपूर्णा लहरतारा के होनहार खिलाड़ियों ने खेल के हर प्रारूप में अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए पहला स्थान अपने नाम किया।
* अंडर-19 बॉयज : सबसे अनुभवी और वरिष्ठ वर्ग के इस मुकाबले में बाल विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल के खिलाड़ियों ने बोर्ड पर अपनी अनूठी रणनीतिक श्रेष्ठता दिखाते हुए तालिका में पहला स्थान हासिल किया।

बालिका वर्ग में बाजी मारने वाली अग्रणी टीमें:

* अंडर-11 गर्ल्स : बालिकाओं की इस शुरुआती श्रेणी में वेलाम्मल विद्यालय, मोगापेयर वेस्ट की नन्ही शतरंज वीरांगनाओं ने अपने शानदार और धैर्यपूर्ण प्रदर्शन के दम पर शुरुआती दौर में मजबूत बढ़त बनाई।
* अंडर-14 गर्ल्स : इस वर्ग के बेहद कड़े मुकाबले में सेंट एंथनी सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्राओं ने अपनी सूझबूझ और सटीक चालों से अपने प्रतिद्वंद्वियों को मात देकर पहला स्थान सुरक्षित किया।

* अंडर-17 गर्ल्स : दक्षिण भारत के प्रमुख शिक्षण संस्थान दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस), बैंगलोर ईस्ट की टीम ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए अंक तालिका के शिखर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।
* अंडर-19 गर्ल्स : सबसे कठिन और प्रतिष्ठा से भरे इस वर्ग में वेलाम्मल विद्यालय, मेल अयानमबक्कम की टीम ने अपने अनुभव और बेजोड़ कौशल के बल पर पहले दौर के बाद सर्वोच्च स्थान पर अपना कब्ज़ा बनाए रखा।

भविष्य के दौर और खेल के ऊंचे मानक:

जैसे-जैसे यह चैंपियनशिप अपने अगले चरणों की ओर बढ़ रही है, आने वाले दौर में और भी अधिक चुनौतीपूर्ण, रणनीतिक और दिल थाम देने वाले मुकाबले देखने को मिलेंगे। सभी प्रतिभागी टीमें और खिलाड़ी अपनी रैंकिंग में सुधार करने और अंक तालिका में ऊपर चढ़ने के लिए चेसबोर्ड पर अपनी पूरी मानसिक ताकत और रणनीतियों को झोंकने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
यह राष्ट्रीय स्तर का आयोजन इन युवा खिलाड़ियों को न केवल एक राष्ट्रीय मंच पर अपनी अद्वितीय और छिपी हुई क्षमताओं को प्रदर्शित करने का एक सुनहरा अवसर प्रदान कर रहा है, बल्कि उन्हें देश के अन्य सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के खेल को करीब से देखने, उनसे सीखने और विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रखने का व्यावहारिक ज्ञान भी दे रहा है। इसके साथ ही, यह आयोजन युवा पीढ़ी के भीतर अनुशासन, निरंतर प्रयास और निष्पक्ष खेल जैसे जीवन के अत्यंत मूल्यवान और आवश्यक सिद्धांतों को भी गहराई से मजबूत कर रहा है।

मेजबान संस्थान का विजन और प्रतिबद्धता:

‘मंथन 2.0’ के इस भव्य और सफल आयोजन के माध्यम से, मेजबान ला ब्लॉसम्स स्कूल, जालंधर समाज में और विशेष रूप से युवा विद्यार्थियों के बीच बौद्धिक विकास और सच्ची खेल भावना को निरंतर बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराता है। स्कूल प्रशासन और खेल समिति का यह दृढ़ विश्वास है कि शतरंज केवल लकड़ी के मोहरों का एक खेल नहीं है, बल्कि यह युवा मस्तिष्कों को जीवन की वास्तविक चुनौतियों के लिए तैयार करने, सही समय पर सटीक निर्णय लेने, विपरीत परिस्थितियों में भी शांत रहकर जीत का मार्ग खोजने और दूरदर्शिता विकसित करने का एक अत्यंत सशक्त और प्रभावी माध्यम है। ला ब्लॉसम्स स्कूल इस राष्ट्रीय चैंपियनशिप के माध्यम से खेल और शिक्षा के इस सुंदर समन्वय को एक नई ऊँचाई पर ले जाने के लिए प्रयासरत है।

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