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डीएवीआईईटी ने विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता एवं कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए नैसकॉम प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी की

डीएवी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (डीएवीआईईटी), जालंधर ने विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से नैसकॉम के प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी की। इस अवसर पर विद्यार्थियों को उभरती हुई औद्योगिक आवश्यकताओं से परिचित करवाने तथा अनुभवात्मक अधिगम एवं कौशल विकास के अवसर प्रदान करने पर बल दिया गया। नैसकॉम की उपनिदेशक सुश्री प्रियंका बिष्ट और नैसकॉम के प्रबंधक श्री अनिश कुमार ने सत्र का नेतृत्व किया। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए बदलते व्यावसायिक परिदृश्य में प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए उद्योग-प्रासंगिक कौशल अर्जित करने के महत्व पर जोर दिया।
प्रतिनिधिमंडल द्वारा विद्यार्थियों को नैसकॉम फ्यूचरस्किल्स प्राइम कार्यक्रम से भी परिचित करवाया गया। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को उभरती प्रौद्योगिकियों से संबंधित अवसरों के लिए तैयार करने तथा डिजिटल कौशल के विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इस संवाद से विद्यार्थियों को सफल करियर निर्माण में निरंतर सीखने, उद्योग की अपेक्षाओं तथा कौशल विकास के अवसरों के महत्व के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई।
विद्यार्थियों को डीएवीआईईटी के पूर्व छात्र, टेडएक्स वक्ता, अग्रणी उद्यमी एवं ब्लॉकचेन विशेषज्ञ श्री हरमन पुरी ने भी संबोधित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर खोज की प्रवृत्ति विकसित करने और जिज्ञासा को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने व्यावसायिक सफलता के लिए व्यावहारिक अनुभव, परियोजना-आधारित अधिगम तथा निरंतर कौशल विकास के महत्व को रेखांकित किया। अपने अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने अपने व्यक्तित्व एवं सफलता के विकास में डीएवीआईईटी की भूमिका को स्वीकार किया और कहा कि संस्थान ने उन्हें अपनी क्षमताओं को तलाशने, कौशल को निखारने तथा अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने का अवसर प्रदान किया। उन्होंने विद्यार्थियों से उपलब्ध अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने तथा कक्षा की सीमाओं से परे भी सीखने के लिए तत्पर रहने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि निरंतर बदलते व्यावसायिक परिदृश्य में स्वयं को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए अनुकूलनशीलता, पहल करने की क्षमता और नए प्रयोग करने की इच्छा आवश्यक है।
डीएवीआईईटी के निदेशक-सह-प्रधानाचार्य डॉ. संदीप विज ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बदलती व्यावसायिक आवश्यकताओं के अनुरूप विद्यार्थियों को प्रासंगिक कौशल से सुसज्जित करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों की व्यावसायिक तैयारी एवं करियर संभावनाओं को बेहतर बनाने के लिए शैक्षणिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक दक्षताओं, नवाचार और निरंतर सीखने के समन्वय पर बल दिया। डॉ. विज ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों को उद्योग की बदलती प्रवृत्तियों के साथ विकसित होना आवश्यक है, ताकि विद्यार्थी केवल ज्ञान से संपन्न न हों, बल्कि वास्तविक परिस्थितियों में अपने कौशल का प्रभावी उपयोग करने में भी सक्षम बनें। उन्होंने ऐसे पाठ्यक्रम की आवश्यकता पर बल दिया जिसमें सैद्धांतिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव का संतुलन हो और विद्यार्थियों को अपने चुने हुए क्षेत्रों में आगे बढ़ने एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए अनुकूल वातावरण प्राप्त हो।
उद्योग संबंधों के डीन डॉ. गौरव धूरिया ने शैक्षणिक अधिगम और उद्योग की अपेक्षाओं के बीच संबंध को मजबूत करने के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने व्यावसायिक विकास के आवश्यक घटकों के रूप में परियोजना-आधारित एवं अनुभवात्मक अधिगम पर जोर दिया तथा विद्यार्थियों को व्यावहारिक समस्या-समाधान, उद्योग-उन्मुख परियोजनाओं और कौशल विकास गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया, ताकि उनकी रोजगार क्षमता में वृद्धि हो सके।
इस अवसर पर अधिवक्ता श्री मनप्रीत सिंह गाबा; कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. हरप्रीत बजाज; एसोसिएट प्रोफेसर एवं एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अशोक कुमार; डॉ. किरण आहूजा; उप डीन (उद्योग संबंध) डॉ. नवलीन सिंह रेखी; तथा संकाय सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
इस अवसर ने उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने, प्रासंगिक कौशल विकसित करने तथा उभरते हुए करियर अवसरों के लिए तैयार करने के प्रति डीएवीआईईटी की प्रतिबद्धता को दोहराया। नैसकॉम के प्रतिनिधियों और संस्थान के प्रतिष्ठित पूर्व छात्र के साथ हुआ यह संवाद विद्यार्थियों में व्यावसायिक उत्कृष्टता, नवाचार और आजीवन सीखने की संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा।

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