
दिल्ली: राजधानी में बढ़ते प्रदूषण को काबू करने के लिए दिल्ली सरकार ने एक सख्त कदम उठाया है। अब शहर में किसी भी वाहन को बिना वैध पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट के पेट्रोल, डीजल या CNG नहीं दिया जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट जारी करते हुए कहा कि सभी पेट्रोल पंपों और गैस स्टेशनों को यह सुनिश्चित करना होगा कि बिना वैध PUC सर्टिफिकेट वाले वाहनों को किसी भी तरह का ईंधन न दिया जाए। सरकार का मानना है कि सड़कों पर चलने वाले प्रदूषण फैलाने वाले वाहन ही वायु गुणवत्ता खराब होने की बड़ी वजह हैं, और इस नियम से उन पर नियंत्रण लगाया जा सकेगा।यह आदेश केवल पेट्रोल या डीजल गाड़ियों तक सीमित नहीं है, बल्कि सीएनजी वाहनों पर भी समान रूप से लागू होगा। यानी अब हर तरह के वाहन चालक को अपना PUC सर्टिफिकेट अपडेट रखना अनिवार्य होगा, तभी वे ईंधन भरवा पाएंगे।नियमों के अनुसार, किसी भी वाहन के रजिस्ट्रेशन के एक साल बाद PUC सर्टिफिकेट बनवाना जरूरी होता है। इसके बावजूद कई लोग इस प्रक्रिया को टालते रहते थे, लेकिन अब ऐसा करना भारी पड़ सकता है। पेट्रोल पंप संचालकों को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमों का पालन करें, अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।इन दिशा-निर्देशों में साफ कहा गया है कि प्रदूषण कम करने के लिए वाहनों से निकलने वाले धुएं पर नियंत्रण जरूरी है और इसके लिए PUC नियमों का सख्ती से पालन कराया जाना चाहिए। इस फैसले का मकसद साफ है-दिल्ली के लोगों को साफ और बेहतर हवा देना। अब वाहन मालिकों के लिए यह जरूरी हो गया है