
जालंधर:- मां बगलामुखी धाम गुलमोहर सिटी नज़दीक लमांपिंड चौंक जालंधर में मां बगलामुखी जी के निमित सामुहिक निशुल्क दिव्य हवन यज्ञ का आयोजन मदिंर परिसर में किया गया।
सर्व प्रथम ब्राह्मणो द्वारा मुख्य यजमान रोहित गौतम एवं योगिता गौतम से विधिवत वैदिक रिती अनुसार पंचोपचार पूजन, षोडशोपचार पूजन,नवग्रह पूजन उपरांत सपरिवार हवन-यज्ञ में आहुतियां डलवाई गई।
सिद्ध माँ बगलामुखी धाम में आयोजित दिव्य हवन यज्ञ के दौरान पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा, श्रद्धा और भक्तिभाव से सराबोर दिखाई दिया। वैदिक मंत्रोच्चारण की पावन ध्वनि और हवन कुंड में प्रज्वलित दिव्य अग्नि की आभा से संपूर्ण धाम भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालु माँ बगलामुखी की आराधना में लीन होकर आध्यात्मिक शांति और दिव्य अनुभूति का अनुभव कर रहे थे।
इस पावन अवसर पर धाम के प्रवक्ता नवजीत भारद्वाज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि मनुष्य जीवन में अभाव कोई अभिशाप नहीं, बल्कि परमात्मा की एक दिव्य व्यवस्था है, जो इंसान को विनम्रता, संतोष और ईश्वर के प्रति समर्पण का मार्ग दिखाती है। उन्होंने कहा कि यदि सृष्टि को ध्यानपूर्वक देखा जाए तो परमात्मा की प्रत्येक रचना हमें एक गहरा संदेश देती है। ईश्वर ने इस संसार में किसी को भी पूर्ण नहीं बनाया। प्रत्येक को कुछ विशेषताएं प्रदान कीं, लेकिन साथ ही कुछ न कुछ अभाव भी रखा। यही अभाव मनुष्य के व्यक्तित्व को निखारने वाला सबसे बड़ा शिक्षक है।
नवजीत भारद्वाज ने उदाहरण देते हुए कहा कि विधाता ने गन्ने को मिठास दी, लेकिन फल नहीं दिया। सोने को चमक दी, लेकिन सुगंध नहीं दी। चंदन को सुगंध दी, लेकिन फूलों जैसी शोभा नहीं दी। समुद्र को असीम विशालता दी, लेकिन उसका जल खारा रखा। नदी को मीठा जल दिया, लेकिन उसे कभी ठहरने का अधिकार नहीं दिया। कमल को पवित्रता और सुंदरता का प्रतीक बनाया, लेकिन उसे कीचड़ में खिलाया।
उन्होंने कहा कि सूर्य को अपार प्रकाश दिया, लेकिन शीतलता नहीं दी। चंद्रमा को शीतलता दी, लेकिन अपना प्रकाश नहीं दिया। विद्वानों को ज्ञान दिया, लेकिन आवश्यक नहीं कि उन्हें धन भी मिले। राजाओं को वैभव और सामर्थ्य दिया, लेकिन लंबी आयु का आश्वासन नहीं दिया।
उन्होंने कहा कि परमात्मा ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि जहां सब कुछ मिल जाता है, वहां अहंकार जन्म लेता है, जबकि जहां अभाव होता है, वहां विनम्रता और समर्पण का भाव विकसित होता है। अभाव मनुष्य को यह स्मरण कराता है कि वह सर्वशक्तिमान नहीं है और उसे हर क्षण ईश्वर की कृपा तथा समाज के सहयोग की आवश्यकता है।
नवजीत भारद्वाज ने कहा कि यदि समुद्र का जल भी मीठा होता तो नदियों का महत्व समाप्त हो जाता। यदि सूर्य में शीतलता भी होती तो चंद्रमा की आवश्यकता कौन समझता? उसी प्रकार यदि मनुष्य को जीवन में सब कुछ सहज ही प्राप्त हो जाए, तो वह परमात्मा को भी भूल सकता है।
उन्होंने कहा कि इसलिए ईश्वर ने जीवन में कुछ संघर्ष, कुछ प्रतीक्षा और कुछ अभाव रखे हैं, ताकि मनुष्य निरंतर कर्म करता रहे, सीखता रहे, आगे बढ़ता रहे और सबसे बढ़कर विनम्र बना रहे। अभाव वास्तव में ईश्वर का वह आशीर्वाद है, जो मनुष्य को घमंड से बचाकर उसे विधाता के और अधिक निकट ले जाता है।
अंत में उन्होंने कहा कि जीवन में किसी कमी को लेकर निराश होने की आवश्यकता नहीं है। संभव है कि वही अभाव आपको संतोष, आत्मबोध और परमात्मा की निकटता तक पहुंचाने का माध्यम बन जाए। जहां संतोष है, वहीं सुख है, वहीं शांति है और वहीं ईश्वर का वास्तविक निवास है।
*धाम के सेवादार नवजीत ने बताया की मां बगलामुखी जी के निमित मासिक हवन यज्ञ का आयोजन 28 जून दिन रविवार को म॔दिर परिसर में किया जा रहा है, सभी मां भक्ततजन सादर सपरिवार आमंत्रित हैं।*
इस अवसर पर श्वेता भारद्वाज,समीर कपूर, विक्की अग्रवाल, अमरेंद्र कुमार शर्मा, प्रदीप , दिनेश सेठ,सौरभ भाटिया,विवेक अग्रवाल, जानू थापर,दिनेश चौधरी,नरेश,कोमल,वेद प्रकाश, मुनीष मैहरा, जगदीश डोगरा, ऋषभ कालिया,रिंकू सैनी, कमलजीत,बलजिंदर सिंह,बावा खन्ना, धर्मपालसिंह, अमरजीत सिंह, उदय ,अजीत कुमार , नरेंद्र ,रोहित भाटिया,बावा जोशी,राकेश शर्मा, अमरेंद्र सिंह, विनोद खन्ना, नवीन , प्रदीप, सुधीर, सुमीत ,जोगिंदर सिंह, मनीष शर्मा, डॉ गुप्ता,सुक्खा अमनदीप , अवतार सैनी, परमजीत सिंह, दानिश, रितु, कुमार,गौरी केतन शर्मा,सौरभ ,शंकर, संदीप,रिंकू,प्रदीप वर्मा, गोरव गोयल, मनी ,नरेश,अजय शर्मा,दीपक , किशोर,प्रदीप , प्रवीण,राजू, गुलशन शर्मा,संजीव शर्मा, रोहित भाटिया,मुकेश, रजेश महाजन ,अमनदीप शर्मा, गुरप्रीत सिंह, विरेंद्र सिंह, अमन शर्मा, ऐडवोकेट शर्मा,वरुण, नितिश,रोमी, भोला शर्मा,दीलीप, लवली, लक्की, मोहित , विशाल , अश्विनी शर्मा , रवि भल्ला,जगदीश, नवीन कुमार, निर्मल,अनिल,सागर,दीपक,दसोंधा सिंह, प्रिंस कुमार, दीपक कुमार, नरेंद्र, सौरभ,दीपक कुमार, नरेश,दिक्षित, अनिल, अजय,रवि,मनी मैहरा सहित भारी संख्या में भक्तजन मौजूद थे।
हवन यज्ञ उपरांत विशाल ल॔गर भंडारे का आयोजन किया गया।