आम आदमी पार्टी की असली ताकत न बड़े-बड़े चेहरे हैं और न ही चमकदार बयानबाज़ी, बल्कि वे कार्यकर्ता हैं जो दिन-रात मेहनत करते हैं। राघव चड्ढा और संदीप पाठक जैसे नेताओं को लेकर जितना शोर मचाया जाता है, वह ज़मीनी हकीकत से मेल नहीं खाता।
सच्चाई यह है कि अगर किसी ने पार्टी के कार्यकर्ताओं को नज़रअंदाज़ किया, तो वे यही लोग थे। कार्यकर्ताओं की आवाज़ को दबाया गया और उनकी मेहनत को सही सम्मान नहीं दिया गया — इससे पार्टी मज़बूत नहीं, बल्कि कमज़ोर हुई।
ऐसे चेहरों के जाने से कोई बड़ा नुकसान नहीं होगा, बल्कि यह पार्टी के लिए एक नई शुरुआत का मौका बन सकता है। आम आदमी पार्टी एक विचार है, और विचार कभी भी किसी एक व्यक्ति के आने या जाने से खत्म नहीं होता।
अगर कार्यकर्ता खुश हैं, मज़बूत हैं और एकजुट हैं — तो पार्टी हमेशा मज़बूत रहेगी।
संज़ीव भगत