

दुबई : तेल अवीव जा रहे फ्लाईदुबई के एक विमान में सवार 180 से ज़्यादा लोगों की जान बचाने वाले कैप्टन स्मित मच्छार को इज़राइल सरकार का ‘सिविलियन हीरोइज़्म’के लिए प्रेसिडेंशियल अवॉर्ड दिया जाएगा। यह घोषणा उस घटना के कुछ हफ़्ते बाद की गई है, जिसमें भारतीय पायलट ने अपने को-पायलट का मुक़ाबला किया था। को-पायलट ने विमान को हाईजैक करके क्रैश करने की कोशिश की थी, जो इज़राइल के तेल अवीव जा रहा था। विमान में 180 यात्री सवार थे, जिनमें से ज़्यादातर इज़राइली नागरिक थे।इज़राइल अब मच्छार को नागरिकों के लिए देश के सबसे बड़े बहादुरी पुरस्कार से सम्मानित करने की योजना बना रहा है। ओमान के को-पायलट द्वारा कुल्हाड़ी से हमला किए जाने के बाद पायलट घायल हो गए थे और गंभीर चोटों के कारण अभी भी अस्पताल में हैं। आरोपी को-पायलट की पहचान ओमान के नागरिक हम्माम अल-हम्मामी के तौर पर हुई है। वह अभी UAE की हिरासत में है और उससे पूछताछ की जा रही है। कॉकपिट के अंदर क्रैश-एक्स (आपातकालीन कुल्हाड़ी) से चोट लगने के बाद भी मच्छर ने हम्मामी का मुक़ाबला किया और दरवाज़ा खोल दिया। इससे इज़राइली यात्री कॉकपिट में घुस पाए और हम्मामी को काबू में कर लिया। इज़राइल के राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग ने घोषणा की कि भारतीय पायलट को यह सम्मान तब दिया जाएगा जब वह पूरी तरह ठीक हो जाएंगे और उनमें फिर से ताक़त आ जाएगी। एक रिपोर्ट में राष्ट्रपति के हवाले से कहा गया, “आज हम जिन इज़राइली नायकों को सम्मानित कर रहे हैं, उनके साथ-साथ हम भारत के कैप्टन स्मित मच्छार के पूरी तरह और तेज़ी से ठीक होने की कामना करते हैं। कैप्टन मच्छर की ज़बरदस्त बहादुरी और बेहतरीन प्रोफ़ेशनलिज़्म ने एक बड़ी दुर्घटना को टाल दिया। जब वह ठीक हो जाएंगे, तो इज़राइल के लोगों की ओर से उन्हें ‘सिविलियन हीरोइज़्म’ के लिए इज़राइल का प्रेसिडेंशियल अवॉर्ड देना मेरे लिए सम्मान की बात होगी।”



