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इंडस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी में एक सप्ताहीय एफडीपी के अंतर्गत विशेषज्ञ व्याख्यानों का सफल आयोजन

इंडस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी में आयोजित एक सप्ताहीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) “उच्च शिक्षा में समकालीन प्रवृत्तियाँ: शिक्षण पद्धति, शोध एवं संस्थागत नवाचार” के अंतर्गत चौथे, पाँचवें एवं छठे दिन विशेषज्ञ व्याख्यानों का सफल आयोजन किया गया।
एफडीपी के चौथे दिन (08 जनवरी 2026) को इंडस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट कार्यालय की उप निदेशक डॉ. रेनू सहरावत ने “वर्तमान शिक्षण–अधिगम परिवेश में भावनात्मक बुद्धिमत्ता का महत्व” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने विद्यार्थियों में आत्म-जागरूकता, आत्म-नियंत्रण, सहानुभूति, प्रेरणा एवं सामाजिक कौशल जैसे मूल्यों के विकास की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही शिक्षक एवं विद्यार्थी के बीच भावनात्मक जुड़ाव को सकारात्मक एवं संवेदनशील समाज के निर्माण हेतु अत्यंत आवश्यक बताया।
एफडीपी के पाँचवें दिन (08 जनवरी 2026) की शुरुआत श्री बलबीर सिंह, राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त प्रशिक्षक एवं सलाहकार, आरसीईडी तथा निटकॉन लिमिटेड के पूर्व उपाध्यक्ष के विशेषज्ञ व्याख्यान से हुई। उन्होंने फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम की अवधारणा, उद्देश्य एवं महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। श्री सिंह ने विद्यार्थियों के जीवन में शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित करते हुए नवीन शिक्षण तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने सतत आत्म-विकास एवं परिवर्तन को जीवन का अभिन्न अंग बताते हुए शिक्षकों को स्वयं के साथ-साथ विद्यार्थियों को भी निरंतर बेहतर बनने के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया।
एफडीपी के छठे दिन (10 जनवरी 2026) को परीक्षा नियंत्रक प्रो. (डॉ.) ए. एच. खान ने “पारंपरिक परीक्षा प्रणाली की कमियाँ एवं सुधार की आवश्यकता” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने वर्तमान परीक्षा प्रणाली में अंतिम परीक्षाओं पर अत्यधिक निर्भरता एवं आलोचनात्मक सोच के अपर्याप्त मूल्यांकन पर चिंता व्यक्त की तथा समग्र शिक्षा प्रणाली की ओर अग्रसर होने के लिए परीक्षा सुधारों की आवश्यकता को रेखांकित किया। इसके पश्चात विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. (डॉ.) जे. एस. राणा ने विश्वविद्यालयों में शोध कार्यक्रमों की आवश्यकता पर अपने विचार साझा किए और शिक्षण के साथ शोध को एकीकृत करने पर बल दिया।
एफडीपी का समापन विश्वविद्यालय के कुलपति माननीय प्रो. (डॉ.) संजय बहल के प्रेरणादायक उद्बोधन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने सभी प्रतिभागियों एवं आयोजन समिति को कार्यक्रम की सफलता के लिए बधाई दी। कार्यक्रम के अंत में एफडीपी की आयोजन सचिव डॉ. मनीषा धीमान द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।

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