
जालंधर: हंसराज महिला महाविद्यालय, जालंधर में प्रिंसिपल डॉ. एकता खोसला के कुशल नेतृत्व में मास कयुनिकेशन और वीडियो प्रोडक्शन विभाग ने ढ्ढक्त्रष्ट के तत्वावधान में “॥रूङ्क स्श्चड्डह्म्द्म ञ्जड्डद्यद्मह्य” की एक सीरिज का आयोजन किया, जिसने छात्राओं और शिक्षकों को विश्व स्तर पर प्रशंसित विकास विशेषज्ञ डॉ. इंदर के. सूद के साथ बातचीत करने का एक अमूल्य अवसर प्रदान किया। इस कार्यक्रम का मुय उद्देश्य नेतृत्व, प्रतिबद्धता और सामाजिक जिमेदारी जैसे विषयों पर प्रेरक बातचीत और सार्थक चर्चा के माध्यम से छात्राओं को प्रेरित करना था। इस अवसर पर विशिष्ट वक्ता डॉ. इंदर के. सूद (सेवानिवृत्त निदेशक और उपाध्यक्ष, विश्व बैंक) थे, जबकि श्री वाई. के. सूद और श्रीमती सुषमा सूद ने विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक सरस्वती वंदना के साथ हुई, जिसके बाद डीएवी गान प्रस्तुत किया गया, जिसने ज्ञान और संस्कृति की भावना को प्रकाशित किया। प्राचार्या डॉ. एकता खोसला ने गणमान्य व्यक्तियों को प्लांटर व स्मृति चिह्न भेंट कर उनका हार्दिक स्वागत किया। डॉ. एकता खोसला ने इस बात पर प्रकाश डाला कि एच.एम.वी. केवल एक शैक्षणिक संस्थान ही नहीं, बल्कि मूल्यों, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और समग्र विकास का एक जीवंत केंद्र है। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से महिला सशक्तिकरण को लगातार बढ़ावा देने के लिए डीएवी प्रबंधन समिति, नई दिल्ली और लोकल एडवाइजरी कमेटी के प्रति भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि एच.एम.वी. अपनी गौरवशाली 100 वर्ष पुरानी विरासत को संजोते हुए, देश के बेहतरीन संस्थानों में से एक बनने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। छात्राओं के लिए एक अत्यंत प्रेरणादायक और संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया, जिसमें डॉ. इंदर के. सूद ने सफलता, समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व पर अपने बहुमूल्य अनुभव और विचार साझा किए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समाज और राष्ट्र की प्रगति में आर्थिक विकास की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। अपनी व्यक्तिगत और व्यावसायिक यात्रा के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि सेवानिवृत्ति के बाद पिछले तीन वर्षों के दौरान, उन्होंने अपना समय सामाजिक उत्थान और जन कल्याण से जुड़ी विभिन्न पहलों के लिए समर्पित किया है। डॉ. सूद ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों के अटूट समर्थन को दिया, जिन्होंने उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए लगातार प्रेरित किया। उन्होंने अपने शिक्षकों को अपना आदर्श और मार्गदर्शक बताया। उन्होंने अपने आस-पास मेहनती और समान विचारधारा वाले लोगों को रखने के महत्व पर भी जोर दिया। छात्राओं को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा, मैं जितनी अधिक मेहनत करता हूँ, खुद को उतना ही अधिक भाग्यशाली महसूस करता हूँ। उन्होंने छात्राओं को अनुशासन, दृढ़ संकल्प और सच्ची लगन के साथ जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। यह सत्र छात्राओं के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक साबित हुआ; छात्राओं ने उत्साहपूर्वक वक्ता के साथ बातचीत की और जीवन तथा करियर के विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन प्राप्त किया। कार्यक्रम को सांस्कृतिक रूप से जीवंत और मनोरंजक बनाने के लिए, संगीत विभाग द्वारा भावपूर्ण लोकगीत और गिटार वादन की शानदार प्रस्तुति ने कार्यक्रम में संगीतमय आकर्षण जोड़ दिया। संस्था की छात्राओं ने मिमिक्री और एक मनमोहक शास्त्रीय नृत्य प्रदर्शन प्रस्तुत कर सभी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया । इस अवसर पर, श्री वाई. के. सूद ने आभार व्यक्त किया और संस्थान की सकारात्मक ऊर्जा तथा जीवंत वातावरण की सराहना की। उन्होंने छात्राओं को एक उज्ज्वल और सफल भविष्य के लिए लगन से काम करने के लिए प्रोत्साहित किया। संपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन डॉ. सीमा मरवाहा और डॉ. अंजना भाटिया के समन्वय में किया गया और संचालन डॉ. रमा शर्मा ने किया । मंच की कार्यवाही का कुशल संचालन डॉ. अंजना भाटिया ने किया। उपस्थित लोगों में डॉ. नवरूप कौर, डॉ. अश्मीन कौर, श्रीमती कुलजीत कौर, श्रीमती अरविंदर कौर (स्कूल समन्वयक), फैकल्टी सदस्य और संस्थान की छात्राएं शामिल थी ।