डॉ. बी. आर. अंबेडकर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जालंधर और भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) जम्मू ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप शिक्षा, रिसर्च, नवाचार, उद्यमिता और शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक दीर्घकालिक शैक्षणिक साझेदारी स्थापित करने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस एमओयू पर एनआईटी जालंधर के निदेशक प्रो. बिनोद कुमार कनौजिया और आईआईएम जम्मू के निदेशक प्रो. बी. एस. सहाय ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर एनआईटी जालंधर के डीन (शैक्षणिक) प्रो. रमन बेदी, आईआईएम जम्मू के डीन (फैकल्टी एवं रिसर्च) प्रो. जबीर अली, डीन (शैक्षणिक) प्रो. नितिन उपाध्याय, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) भूपिंदर सिंह कंग, मुख्य कार्यक्रम अधिकारी अरूप भट्टाचार्य तथा दोनों संस्थानों के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
इस समझौते के तहत दोनों संस्थान शिक्षा, रिसर्च, कंसल्टेंसी, शिक्षकों और विद्यार्थियों के आदान-प्रदान, संयुक्त शिक्षण, रिसर्च केंद्रों की स्थापना तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत अकादमिक क्रेडिट मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे। इसके अलावा उद्योग, सरकारी विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों के लिए संयुक्त रूप से प्रशिक्षण एवं मैनेजमेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम्स (एमडीपी) आयोजित किए जाएंगे। भविष्य में आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद संयुक्त और एकीकृत शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू करने की संभावनाओं पर भी विचार किया जाएगा।
इस अवसर पर एनआईटी जालंधर के निदेशक प्रो. बिनोद कुमार कनौजिया ने कहा कि यह एमओयू राष्ट्रीय महत्व के दो संस्थानों के बीच एक नई और परिवर्तनकारी साझेदारी की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि यह सहयोग विभिन्न क्षेत्रों में रिसर्च, तकनीक आधारित नवाचार, उद्योग से बेहतर जुड़ाव और शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देगा। साथ ही, दोनों संस्थान मिलकर समाज और उद्योग से जुड़ी नई चुनौतियों का समाधान खोजेंगे।
आईआईएम जम्मू के निदेशक प्रो. बी. एस. सहाय ने कहा कि यह साझेदारी बहुविषयक शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह सहयोग प्रबंधन शिक्षा और तकनीकी नवाचार को एक साथ लाकर रिसर्च, नवाचार और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देगा, जिससे विद्यार्थियों, शिक्षकों, उद्योग और समाज को लाभ मिलेगा।