पंजाबशिक्षा और संस्कृति

एच.एम.वी. कॉलेजिएट स्कूल में उत्साह के साथ शिक्षक दिवस मनाया

एच.एम.वी. कॉलेजिएट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में प्रिंसिपल डॉ. एकता खोसला के कुशल नेतृत्व में छात्राओं के सर्वपक्षीय विकास करने और राष्ट्र के निर्माण में शिक्षकों के अमूल्य योगदान का समान करने के लिए शिक्षक दिवस बहुत उत्साह के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम का समन्वय स्कूल इंचार्ज श्रीमती उपमा गुप्ता और गैर-शिक्षण गतिविधियों की इंचार्ज श्रीमती रेणू वालिया और डीन एकेडमिक्स और स्कूल एडवाइज़र डॉ. सीमा मरवाहा की देखरेख में किया गया। समारोह की शुरुआत पारंपरिक रूप से दीप प्रज्वलित करके हुई, जिसके बाद डीएवी गान का गायन किया गया। समान और आभार के प्रतीक के तौर पर प्रिंसिपल डॉ. एकता खोसला को फूलों का गुलदस्ता भेंट किया गया। सभा को संबोधित करते हुए डॉ. एकता खोसला ने एच.एम.वी. की शानदार विरासत के बारे में बताया और कहा कि संस्थान की दीवारें डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जो संस्थान से जुड़े प्रमुख संस्थापकों में से एक थे, के विज़न और आदर्शों से धन्य हैं। छात्रआों को संबोधित करते हुए उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि भले ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिक्षा के परिदृश्य को बदल दे, लेकिन यह कभी भी मानवीय सहानुभूति, करुणा और शिक्षक व शिक्षार्थी के बीच के भावनात्मक जुड़ाव की जगह नहीं ले सकता। शिक्षक समुदाय को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए प्रिंसिपल डॉ. एकता खोसला ने शिक्षकों को सच्चे राष्ट्र-निर्माता बताया, जो ज्ञान और मूल्यों का मार्ग रोशन करते हैं और पीढ़ियों को ज्ञान के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने शिक्षकों के नेक पेशे में निरंतर सफलता और संतुष्टि की कामना की। इस उत्सव को सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की एक जीवंत श्रृंखला ने और भी खास बना दिया, जिसमें भाषण, मधुर गायन और कविता पाठ शामिल थे। कार्यक्रम की मुय विशेषताओं में +2 की यशस्वी द्वारा प्रस्तुत एक भावपूर्ण कविता, जो हंस राज महिला महाविद्यालय को समर्पित थी, विशेष आकर्षण रही। अपनी कविताओं के माध्यम से उसने हर छात्रा के जीवन और यात्रा में संस्थान के स्थायी महत्व को खूबसूरती से दर्शाया। सभी शिक्षकों को छात्रों द्वारा प्यार से तैयार किए गए हस्तनिर्मित कार्ड भेंट किए गए, जिससे यह अवसर विशेष रूप से आत्मीय और यादगार बन गया। कार्यक्रम का समापन श्रीमती उपमा गुप्ता द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ, जिसके बाद केक काटने की रस्म अदा की गई जो उत्सव की आभार और एकजुटता की भावना को दर्शाता था। मंच का संचालन सुश्री परनीत ने छात्रों प्रगति और उमा के साथ मिलकर कुशलतापूर्वक किया।

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