एपीजे एजुकेशन की चेयरपर्सन, एपीजे सत्या यूनिवर्सिटी की सह-संस्थापक एवं चांसलर और एपीजे सत्या एवं स्वरान ग्रुप की चेयरपर्सन श्रीमती सुषमा पॉल बर्लिया के सम्मानित संरक्षण में, एपीजे स्कूल, टांडा रोड, जालंधर के विद्यार्थियों ने ’17वीं नेशनल सिंगिंग, इंस्ट्रुमेंटल, पेंटिंग, मॉडलिंग एंड डांस स्पोर्ट्स चैंपियनशिप 2026–27′ में अपनी अद्भुत प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
इस कार्यक्रम का आयोजन डांस स्पोर्ट्स काउंसिल ऑफ पंजाब द्वारा तरुण इवेंट्स के सहयोग से किया गया और इसे डांस स्पोर्ट्स काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा संचालित किया गया। इसमें जालंधर, लुधियाना, पटियाला, बठिंडा, मोगा, फिरोजपुर, पठानकोट, अमृतसर, संगरूर, मानसा, होशियारपुर, चंडीगढ़ और खन्ना सहित कई शहरों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में 125 एकल प्रस्तुतियाँ, 6 युगल प्रविष्टियाँ (12 प्रतिभागी) और 7 समूह प्रस्तुतियाँ (62 प्रतिभागी) शामिल थीं।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि पंकज चड्ढा, विशिष्ट अतिथि चंद्रेश शौरी और तरलोचन सिंह उपस्थित रहे। प्रसिद्ध लोक नृत्य दिग्गजों, जिनमें चन्नी टकुलिया, मोहन लाल और संदीप सिंह शामिल थे, ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। जूरी पैनल में शिक्षा, नृत्य और मनोरंजन के क्षेत्र की प्रख्यात हस्तियां शामिल थीं, जिन्होंने प्रदर्शनों का निष्पक्ष और विशेषज्ञ मूल्यांकन सुनिश्चित किया।
इस अवसर पर एपीजे स्कूल के विद्यार्थियों ने अपनी उत्कृष्ट उपलब्धियों से संस्थान का नाम रोशन किया, जिसमें स्वास्तिक शारदा (कक्षा दूसरी): यू-7 ने पंजाब के लोक नृत्यभांगड़ा में द्वितीय स्थान, हरिद्या शर्मा (कक्षा तीसरी) 7-11 वर्ष ने सेमी-क्लासिकल श्रेणी में द्वितीय स्थान, समृद्धि शर्मा (कक्षा पांचवीं): 7–11 वर्ष ने लोकनृत्य भांगड़ा में द्वितीय स्थान और हयान जयरथ (कक्षा पांचवीं): 7–11 वर्ष ने भांगड़ा में तृतीय स्थान प्राप्त करके स्कूल वह अपने अभिभावकों का नाम रोशन किया ।
साथ ही साथ विशेष उपलब्धि में स्कूल ने ग्रुप डांस (समूह नृत्य) में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी बेमिसाल टीम वर्क और तालमेल का प्रदर्शन किया।
इस गौरवान्वित अवसर पर स्कूल प्रिंसिपल डॉ. राजेश चंदेल जी ने विजेताओं को बधाई दी और उनकी नृत्य शिक्षिका सुश्री शिखा के समर्पण और मार्गदर्शन की सराहना की। इंचार्ज श्रीमती सिमरनजीत कौर जी ने भी विद्यार्थियों को उनके सराहनीय प्रदर्शन के लिए हार्दिक बधाई दी।
ये उपलब्धियां शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ सह-पाठयक्रम गतिविधियों में विद्यार्थियों को उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करने और उनकी प्रतिभा को निखारने के प्रति स्कूल की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।