डी.ए.वी. यूनिवर्सिटी, जालंधर के कॉमर्स बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन एंड इकोनॉमिक्स द्वारा इंस्टीटूशन्स इनोवेशन कॉउन्सिल के सहयोग से “बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा क्षेत्र में उद्यमी अवसर” विषय पर एक दिवसीय ज्ञानवर्धक सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में व्यावहारिक जानकारी और रोजगार के अवसरों से अवगत कराना था।
स्वागत भाषण के दौरान डॉ. गीतिका नागराथ, डीन, सी.बी.एम.ई. एवं हुमेनीटीस ने कहा कि डी.ए.वी. यूनिवर्सिटी में हम केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता पर ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में उद्यमी सोच विकसित करने पर भी जोर देते हैं। इस प्रकार के सत्र कक्षा शिक्षण और उद्योग की अपेक्षाओं के बीच के अंतर को कम करते हैं और विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ नए अवसरों की खोज के लिए प्रेरित करते हैं।
मुख्य वक्ता श्री विक्रम सूद, जो एक वित्तीय सेवा संस्था के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं, अपने साथ इस क्षेत्र का अड़तीस वर्षों का विशाल अनुभव लेकर आए। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वित्तीय क्षेत्र में सफलता केवल तकनीकी ज्ञान पर निर्भर नहीं करती, बल्कि इसके लिए अनुशासन, निरंतर मेहनत और सही सोच भी अत्यंत आवश्यक है।
इंटरैक्टिव सत्र के दौरान श्री सूद ने व्यक्तिगत वित्तीय योजना के महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी, जिसमें म्यूचुअल फंड, व्यवस्थित निवेश योजनाएं और दीर्घकालिक धन सृजन की रणनीतियां शामिल थीं। उन्होंने वित्तीय सलाहकार बनने के करियर मार्ग के बारे में भी बताया और बीमा क्षेत्र में उभर रहे स्वतंत्र रोजगार के अवसरों पर चर्चा की, जिससे विद्यार्थियों को लचीले और स्व-निर्भर करियर विकल्पों को अपनाने के लिए प्रेरणा मिली।
इस कार्यक्रम का संयोजन सहायक प्रोफेसर तरनजोत कौर, भाव्या कौशल और नेहा द्वारा किया गया, जो डीन, सी.बी.एम.ई. एवं हुमेनीटीस के मार्गदर्शन में तथा संस्थागत नवाचार परिषद के अध्यक्ष डॉ. संदीप विज की देखरेख में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
अंत में धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए डॉ. संदीप विज ने मुख्य वक्ता के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि इस प्रकार की पहलें विद्यार्थियों को नई सोच अपनाने तथा अपने शैक्षणिक जीवन के साथ-साथ नए उद्यमी अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करती हैं।
सत्र के अंत में रोचक चर्चा हुई, जिससे विद्यार्थी बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा क्षेत्र में नई संभावनाओं की खोज के लिए प्रेरित हुए।