एपीजे स्कूल, महावीर मार्ग, जालंधर के सभागार में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के छात्र प्रतिनिधि मंडल के शपथ ग्रहण समारोह का भव्य आयोजन किया गया। यह समारोह एपीजे एजुकेशन की चेयरपर्सन, एपीजे सत्य यूनिवर्सिटी की को-फाउंडर एवं चांसलर तथा एपीजे सत्य एवं स्वर्ण समूह की चेयरपर्सन एवं प्रेसिडेंट सुश्री सुषमा पॉल बर्लिया के प्रेरणादायी आशीर्वाद में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, उत्तरदायित्व की भावना तथा सेवा-भाव का विकास करना था। समारोह की मुख्य अतिथि अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एडिशनल सेशन जज) जालंधर, श्रीमती अमिता सिंह थीं। इस अवसर पर विद्यालय के प्रिंसिपल श्री यशपाल शर्मा, वाइस प्रिंसिपल श्रीमती आरती शौर्य भट् तथा छात्र-छात्राओं के अभिभावकों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत शास्त्रीय नृत्य ने अपनी मनमोहक प्रस्तुति से सभी उपस्थित जनों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस अवसर पर नील नानक सिंह को हेड बॉय, सानवी शर्मा को हेड गर्ल, जयभव गुप्ता को वाइस हेड बॉय, निकिता को वाइस हेड गर्ल, रोनित महाजन को स्पोर्ट्स कैप्टन (बॉयज़), प्रज्ञा को स्पोर्ट्स कैप्टन (गर्ल्स), दीक्षांत को डिसिप्लिन सेक्रेटरी (बॉयज़) तथा गौरीका जोशी को डिसिप्लिन सेक्रेटरी (गर्ल्स) नियुक्त किया गया।
विद्यालय के कुल 60 छात्र-छात्राओं ने अपने-अपने पद की शपथ लेते हुए विद्यालय की गरिमा एवं परंपराओं को बनाए रखने तथा अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का संकल्प लिया।
मुख्य अतिथि श्रीमती अमिता सिंह ने सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि किसी भी छात्र के व्यक्तित्व निर्माण में विद्यालय की महत्वपूर्ण भूमिका होती है तथा एपीजे स्कूल ने अपने आदर्श वाक्य सॉरिंग हाई इज़ माय नेचर को अपने उत्कृष्ट कार्यों के माध्यम से सार्थक सिद्ध किया है। उन्होंने विद्यार्थियों को एक जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया तथा अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों के प्रति भी सजग रहने का संदेश दिया साथ ही नई पीढ़ी को मोबाइल फोन एवं अन्य स्मार्ट उपकरणों के अत्यधिक उपयोग से बचने की सलाह देते हुए कहा कि इनका अनियंत्रित प्रयोग विद्यार्थियों की रचनात्मकता एवं सृजनात्मक सोच को प्रभावित करता है।
विद्यालय के प्रिंसिपल श्री यशपाल शर्मा ने नवनिर्वाचित छात्र परिषद को शुभकामनाएँ देते हुए उन्हें अपने दायित्वों का ईमानदारी, समर्पण और अनुशासन के साथ निर्वहन करने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।