एपीजे स्कूल, मॉडल टाउन, जालंधर में एपीजे एजुकेशन सोसाइटी की माननीया अध्यक्षा श्रीमती सुषमा पॉल बर्लिया के दूरदर्शी नेतृत्व एवं डॉ. नेहा बर्लिया के प्रेरणादायी मार्गदर्शन में “नैतिकता एवं सत्यनिष्ठा (Ethics and Integrity)” विषय पर इन-हाउस सतत व्यावसायिक विकास (CPD) कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों में नैतिक मूल्यों, व्यावसायिक आचरण तथा सत्यनिष्ठा के प्रति जागरूकता को सुदृढ़ करना तथा उन्हें उत्तरदायी एवं संवेदनशील नागरिकों के निर्माण में अपनी भूमिका को और अधिक प्रभावी ढंग से निभाने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यशाला का संचालन रिसोर्स पर्सन श्रीमती दीक्षा त्रेहन द्वारा किया गया। उन्होंने संवादात्मक प्रस्तुतियों, वास्तविक कक्षागत परिस्थितियों, नैतिक दुविधाओं तथा “नेवर हैव आई एवर” एवं “ऑक्शन ऑफ वैल्यूज़” जैसी सहभागितापूर्ण गतिविधियों के माध्यम से शिक्षकों को नैतिक निर्णय, ईमानदारी एवं व्यावसायिक मूल्यों के व्यावहारिक पक्ष से परिचित कराया।
कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 तथा सीबीएसई की समग्र एवं मूल्यपरक शिक्षा की अवधारणा के अनुरूप आयोजित किया गया। इसमें इस बात पर विशेष बल दिया गया कि शिक्षक केवल ज्ञान के संवाहक ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में सहानुभूति, उत्तरदायित्व, नैतिक विवेक, निष्पक्षता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे जीवन मूल्यों के संवाहक भी होते हैं।
कार्यशाला के दौरान शिक्षकों ने अपने कक्षागत अनुभव साझा किए तथा दैनिक शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और नैतिक मूल्यों को प्रभावी रूप से समाहित करने के विविध उपायों पर सार्थक विचार-विमर्श किया। इस उपलक्ष्य पर विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. राजेश चंदेल जी ने इस ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी सत्र की सराहना करते हुए शिक्षकों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय में नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं उत्कृष्टता की संस्कृति को निरंतर सशक्त बनाना समय की आवश्यकता है, ताकि प्रत्येक कक्षा विश्वास, सम्मान और मूल्यपरक शिक्षा का सशक्त केंद्र बन सके।
कार्यक्रम का समापन शिक्षकों द्वारा व्यावसायिक उत्कृष्टता, निष्पक्षता, करुणा, उत्तरदायित्व एवं उच्च नैतिक मानकों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराने के साथ हुआ। इस अवसर पर सभी शिक्षकों ने विश्वास, सम्मान एवं सत्यनिष्ठा पर आधारित शिक्षण वातावरण के निर्माण का संकल्प लिया, जिससे विद्यार्थियों के सर्वांगीण एवं मूल्यनिष्ठ विकास को नई दिशा प्राप्त होगी।