

दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में सोमवार, 19 अक्टूबर को नरमी देखने को मिली। दिसंबर डिलीवरी वाला ब्रेंट क्रूड करीब 1.71% गिरकर 107.98 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। इससे पहले 18 अक्टूबर को इसकी कीमत पांच महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गई थी। हालांकि, मौजूदा गिरावट से भारत जैसे तेल आयातक देशों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन वैश्विक तनाव के चलते सप्लाई पर खतरा अभी बना हुआ है।पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच तेल टैंकरों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। सऊदी अरब के तट के पास फारस की खाड़ी में टैंकरों पर हमलों की खबरों ने बाजार की चिंता बढ़ाई है। ऐसे में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर सबकी नजर है, क्योंकि यह दुनिया में कच्चे तेल की सप्लाई का एक प्रमुख समुद्री मार्ग है।अमेरिका ने दावा किया है कि उसकी सेनाओं ने पिछले एक सप्ताह में इस मार्ग से 10 करोड़ बैरल से अधिक तेल की आवाजाही में मदद की। इससे सप्लाई को लेकर कुछ राहत मिली है लेकिन हमलों के कारण अनिश्चितता बनी हुई है।


