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क्रिसमिस पर इजरायल का गाजा में 2 अस्पतालों पर हमला

गाजा : इजरायली सेना की कार्रवाई थमने का नाम नहीं ले रही है। क्रिसमिस की पूर्व संध्या पर मंगलवार को उत्तरी गाजा में इजरायली रक्षा बल (आईडीएफ) ने दो अस्पतालों पर भीषण हमले किए, जिससे 20 से ज्यादा मरीज और उनके तीमारदार गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं, एक अलग हमले में चार पुलिस अधिकारियों की मौत हो गई, जो आटे की लूट रोकने और जरूरतमंदों की मदद में जुटे हुए थे। ताजा हमले में उत्तरी गाजा के जबालिया शरणार्थी शिविर में स्थित अल-अवदा अस्पताल की तीसरी मंजिल को निशाना बनाया गया। इजरायली सेना ने वहां गोलाबारी की, जिससे अस्पताल का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। इसके अलावा, उत्तरी बेत लाहिया स्थित कमाल अदवान अस्पताल में रिमोट-कंट्रोल विस्फोट किया गया, जिसमें मरीजों को गंभीर चोटें आईं। सोमवार देर रात दीर अल-बलाह इलाके में एक हवाई हमले के दौरान चार पुलिस अधिकारियों की मौत हो गई। ये पुलिसकर्मी एक आटे से भरे ट्रक को बचाने की कोशिश कर रहे थे, जिसे लूटे जाने का खतरा था। इस हमले में ट्रक भी पूरी तरह तबाह हो गया। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संसद में संबोधित करते हुए सीजफायर को लेकर आशा जताई है। उन्होंने कहा कि बंधकों की रिहाई को लेकर बातचीत में प्रगति हुई है और हमास ने अपनी मांगों में नरमी दिखाई है। हालांकि, नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि वह तब तक कार्रवाई जारी रखेंगे, जब तक बंधकों को मुक्त नहीं करा लिया जाता। उन्होंने कहा, “सीजफायर को लेकर प्रगति हो रही है, लेकिन यह कब तक पूरा होगा, मैं कह नहीं सकता।”इजरायल ने पहली बार हमास के नेता इस्माइल हानिया की हत्या की बात स्वीकार की है। इजरायल के रक्षा मंत्री इसराइल कात्ज़ ने पुष्टि की कि हानिया को जुलाई में तेहरान स्थित उनके घर में मारा गया था। हमास और इजरायल के बीच यह संघर्ष अब 14 महीने से ज्यादा लंबा हो चुका है। इस दौरान 45,300 से ज्यादा फिलिस्तीनी अपनी जान गंवा चुके हैं। बढ़ते हमले और तबाही ने गाजा में हालात और भी खराब कर दिए हैं। इजरायल-हमास युद्ध के इस भीषण दौर में गाजा की मानवता पर मंडराते खतरे ने वैश्विक समुदाय का ध्यान खींचा है। हालांकि, सीजफायर की उम्मीद ने एक बार फिर शांति की आशा जगाई है

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