दिल्ली: गुजारे भत्ते को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा और अहम फैसला आया है। मामला बच्चे के गुजारे भत्ते का है, जिसमें फैसला पिता के पक्ष में सुनाया गया है। वहीं फैसला सुनाते हुए महिला की तरफ से दाखिल याचिका खारिज कर दी गई। यह फैसला देशभर के लोगों के लिए अहम जानकारी साबित हो सकता है। जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की फैसला सुनाया। महिला ने दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली थी, जिसमें बेटी को पिता से गुजारा भत्ता दिलाने की मांग की गई थी।याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इंडियन एविडेंस एक्ट 1872 और बायोलॉजिकल फादर की पुष्टि करने के लिए होने वाले मेडिकल टेस्ट पर चर्चा की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और सभी तरह की चर्चा करने के बाद बेंच ने फैसला सुनाया कि अगर DNA टेस्ट में यह पुष्टि नहीं होती कि शख्स बच्चे का बायोलॉजिकल फादर है तो उसे बच्चे का गुजारा भत्ता देने की जरूरत नहीं है और न ही कोर्ट उसे गुजारा भत्ता देने का निर्देश दे सकती है, बेशक बच्चे का जनम शादी के समय हुआ हो।