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छात्र नवाचार से एनआईटीजे बन रहा है आधुनिक स्मार्ट कैंपस

जालंधर : एनआईटी जालंधर में छात्र अपनी तकनीकी समझ का उपयोग करते हुए कैंपस की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर नए डिजिटल समाधान विकसित कर रहे हैं। ये समाधान अब कैंपस के दैनिक कार्यों में सीधे उपयोग किए जा रहे हैं, जिससे शैक्षणिक और प्रशासनिक प्रक्रियाएँ अधिक सरल और तेज़ हो गई हैं। संस्थान के निदेशक प्रो. बिनोद कुमार कन्नौजिया के नेतृत्व में नवाचार और प्रयोगात्मक शिक्षा को लगातार प्रोत्साहन मिल रहा है। इसका परिणाम यह है कि छात्रों द्वारा विकसित डिजिटल सिस्टम अब कैंपस के दैनिक संचालन का हिस्सा बन चुके हैं।
इनमें सेंटर फॉर ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट (सीटीपी) पोर्टल, ऑनलाइन हॉस्टल अलॉटमेंट सिस्टम, एडमिशन चैटबॉट, एक्सीड (XCEED) टाइमटेबल मॉड्यूल और लाइब्रेरी सीट मैनेजमेंट सिस्टम प्रमुख हैं, जिन्हें छात्रों द्वारा संकाय के मार्गदर्शन में विकसित किया गया है। इसके अलावा छात्र इंटेलिजेंट अटेंडेंस सिस्टम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित कैंपस निगरानी प्रणाली पर भी काम कर रहे हैं।
सीटीपी पोर्टल के माध्यम से छात्रों को प्लेसमेंट से जुड़ी सभी जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलती है, जिसमें नौकरी के अवसर, योग्यता जांच, आवेदन प्रक्रिया और अन्य विवरण शामिल हैं। इससे छात्रों के लिए अवसरों तक पहुँच आसान हो गई है और कंपनियों के लिए भर्ती प्रक्रिया भी अधिक सुचारु हो गई है। इसके साथ ही बी.टेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के छात्रों द्वारा विकसित ऑनलाइन हॉस्टल अलॉटमेंट सिस्टम ने पूरी हॉस्टल प्रक्रिया को डिजिटल बना दिया है। छात्र अब ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड कर सकते हैं, अलॉटमेंट की स्थिति देख सकते हैं और अपने अनुसार हॉस्टल रूम आवंटित करवा सकते हैं।
अंतिम वर्ष के प्रोजेक्ट के रूप में शुरू हुआ एक्सीड (XCEED) टाइमटेबल मॉड्यूल अब संस्थान स्तर का एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बन चुका है। 50 से अधिक छात्रों के सहयोग से विकसित यह सिस्टम समय-सारणी तैयार करने और उसके प्रबंधन को आसान बनाता है। इसके अंतर्गत सर्टिफिकेट, कॉन्फ्रेंस और अटेंडेंस मैनेजमेंट जैसे मॉड्यूल भी शामिल किए गए हैं।
नवाचार की इस श्रृंखला में प्रथम वर्ष के छात्रों ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। डिज़ाइन थिंकिंग एंड इंडस्ट्रियल इनोवेशन कोर्स के तहत विकसित लाइब्रेरी सीट मैनेजमेंट सिस्टम छात्रों को लाइब्रेरी में उपलब्ध सीटों की त्वरित जानकारी देता है, जिससे समय की बचत होती है और सीटों का बेहतर उपयोग संभव होता है।
दाखिला प्रक्रिया को और आसान बनाने के लिए छात्रों ने संस्थान की वेबसाइट पर एक एडमिशन चैटबॉट भी विकसित किया है। इसके साथ ही इंटेलिजेंट अटेंडेंस सिस्टम और एआई आधारित कैंपस निगरानी प्रणाली के विकास में भी छात्रों का योगदान जारी है।
प्रो. बिनोद कुमार कन्नौजिया ने कहा कि संस्थान छात्रों को अपने विचारों को व्यावहारिक समाधानों में बदलने के लिए लगातार प्रेरित कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी पहलें छात्रों को वास्तविक जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करती हैं और उन्हें मूल्यवान व्यावहारिक अनुभव प्रदान करती हैं।

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