सी.टी. यूनिवर्सिटी के सचिन ने देश का नाम किया रोशन वियतनाम में होने वाली 9वीं एशियन पेंचक सिलाट चैंपियनशिप 2025 में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे सी टी यू के होनहार छात्र की एशियाई मंच पर मार्शल आर्ट में उत्कृष्टता दिखाने की शानदार उपलब्धि

सी.टी. यूनिवर्सिटी के सचिन ने देश का नाम किया रोशन
वियतनाम में होने वाली 9वीं एशियन पेंचक सिलाट चैंपियनशिप 2025 में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे
सी टी यू के होनहार छात्र की एशियाई मंच पर मार्शल आर्ट में उत्कृष्टता दिखाने की शानदार उपलब्धि
सी.टी. यूनिवर्सिटी को यह बताते हुए गर्व हो रहा है कि इसके छात्र सचिन, जो एक प्रतिभाशाली पेंचक सिलाट खिलाड़ी हैं, का चयन भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए 9वीं एशियन पेंचक सिलाट चैंपियनशिप 2025-26 में हुआ है, जो ह व टिन प्रांत, वियतनाम में आयोजित की जाएगी।
यह प्रतियोगिता एशिया की सबसे प्रतिष्ठित मार्शल आर्ट चैंपियनशिप में से एक है। इसका आयोजन वियतनाम पेंचक सिलाट फेडरेशन द्वारा किया जा रहा है, जो एशियन पेंचक सिलाट फेडरेशन और इंटरनेशनल पेंचक सिलाट फेडरेशन (PERSILAT) के अधीन है। इस चैंपियनशिप में पूरे एशिया से टीमें भाग लेंगी और अपने कौशल का प्रदर्शन करेंगी।
सचिन का चयन 13वीं सीनियर नेशनल पेंचक सिलाट चैंपियनशिप 2025 में उनके शानदार प्रदर्शन के बाद हुआ, जो लेट के.डी. बाबू सिंह स्टेडियम, लखनऊ, उत्तर प्रदेश में आयोजित की गई थी। उनकी मेहनत, अनुशासन और लगातार अच्छे प्रदर्शन ने उन्हें यह सुनहरा मौका दिलाया।
सी.टी. यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. नितिन टंडन ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा:
“यह हमारे विश्वविद्यालय के लिए गर्व का क्षण है। सचिन ने साबित किया है कि मेहनत, अनुशासन और लगन से सब कुछ संभव है। उनका चयन न केवल उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि है बल्कि अन्य छात्रों के लिए भी प्रेरणा है। हम उनके बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएँ देते हैं।”
छात्र कल्याण निदेशक, इंजीनियर दविंदर सिंह ने भी अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा:
“सचिन हमेशा पढ़ाई और खेल दोनों में बेहतरीन प्रदर्शन करते रहे हैं। यह चयन सीटीयू की उस सोच को दर्शाता है जो हर क्षेत्र में प्रतिभा को निखारने का अवसर देती है। हमें पूरा विश्वास है कि वो भारत और सीटीयू का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर रोशन करेंगे।”
सी.टी. यूनिवर्सिटी छात्रों को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर मंच, प्रशिक्षण और प्रोत्साहन देती रही है। सचिन की यह उपलब्धि सीटीयू की उस सोच का प्रमाण है, जो छात्रों को वैश्विक स्तर तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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