डी०ए०वी० कॉलेज, जालंधर द्वारा जिला रेड क्रॉस समिति के सहयोग से विश्व रेड क्रॉस दिवस के अवसर पर महाविद्यालय परिसर में अत्यंत उत्साह तथा मानवीय सेवा-भावना के साथ रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में विद्यार्थियों, अध्यापकों तथा स्वयंसेवकों की व्यापक सहभागिता रही तथा कुल ५१ यूनिट रक्त एकत्रित किया गया।

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि तेजदीप सिंह सैनी, अतिरिक्त उपायुक्त, जालंधर रहे। उन्होंने महाविद्यालय एवं रेड क्रॉस समिति द्वारा किए जा रहे उन प्रयासों की प्रशंसा की, जिनके माध्यम से युवाओं को रक्तदान जैसे पुण्य कार्य के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रक्तदान मानवता की महानतम सेवाओं में से एक है तथा विद्यार्थियों को समाज-कल्याण संबंधी कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने हेतु प्रेरित किया।

कार्यक्रम में उपस्थित अन्य विशिष्ट अतिथियों में डॉ० सुरजीत लाल, सचिव, जिला रेड क्रॉस समिति,जालंधर; डॉ० अनूप कुमार, प्राचार्य, डी०ए०वी० महाविद्यालय, जालंधर तथा जिला रेड क्रॉस समिति के परमिंदर बेरी सम्मिलित रहे। इसके अतिरिक्त डॉ० शिल्पी, कार्यवाहक प्राचार्या, डी०ए०वी० कॉलेज ऑफ फिजियोथेरेपी ; डॉ० रजनी, कार्यवाहक प्राचार्या, दयानंद आयुर्वेदिक महाविद्यालय तथा डॉ० (श्रीमती) विलियम्स, प्राचार्या, एम०एच०आर० परिचर्या महाविद्यालय भी कार्यक्रम में उपस्थित रहीं।

इस शिविर का समन्वय डॉ० एकजोत कौर, अधिष्ठाता (ई०एम०ए०), डी०ए०वी० महाविद्यालय, जालंधर द्वारा किया गया, जिनके समर्पित प्रयासों से यह शिविर अत्यंत सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ। रक्तदान अभियान के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस आंदोलन के संस्थापक हेनरी डुनेंट को मानवीय सेवा के क्षेत्र में उनके अद्वितीय योगदान हेतु भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

इस अवसर पर सोनिका दानिया, उप-प्राचार्या; अशोक कपूर, रजिस्ट्रार; मनीष खन्ना, डिप्टी रजिस्ट्रार व; डॉ० ऋषि, कर्मचारी सचिव तथा डॉ० मनु सूद, कोषाध्यक्ष सहित अनेक अध्यापक तथा विद्यार्थी उपस्थित रहे।

समारोह को अधिक आत्मीय तथा समावेशी बनाने हेतु रेड क्रॉस मूक-बधिर विद्यालय के विद्यार्थी तथा रेड क्रॉस प्रयास विद्यालय के विशेष आवश्यकता वाले बच्चे भी कार्यक्रम स्थल पर आए और उन्होंने अत्यंत उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम का संचालन प्रो० शरद मनोचा ने अत्यंत कुशलता से किया तथा पूरे कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनसमूह को भावनात्मक रूप से जोड़े रखा।

आयोजकों ने रेड क्रॉस आंदोलन की सच्ची भावना के अनुरूप युवाओं में मानवीय मूल्यों, स्वैच्छिक रक्तदान तथा सामाजिक उत्तरदायित्व को प्रोत्साहित करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया।