

जालंधर: भारतीय जनता पार्टी के युवा नेता एवं तेज-तर्रार अधिवक्ता एडवोकेट अर्जुन त्रेहन ने मंगलवार को जिला भाजपा अध्यक्ष अशोक सरीन हिक्की, पूर्व सीपीएस कृष्ण देव भंडारी, राजेश कपूर की उपस्थिति में जालंधर शीतला माता मंदिर स्थित जिला भाजपा कार्यालय में पुनः भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। संगठन द्वारा उनका स्वागत करते हुए उन्हें सम्मानपूर्वक पार्टी में शामिल कराया गया।
एडवोकेट अर्जुन त्रेहन ने अपने सार्वजनिक एवं राजनीतिक जीवन की शुरुआत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से की थी। छात्र राजनीति से संगठनात्मक राजनीति तक के सफर में उन्होंने भारतीय जनता युवा मोर्चा एवं भाजपा संगठन में कई महत्वपूर्ण दायित्व निभाए। वे भाजपा युवा मोर्चा, पंजाब के प्रदेश मीडिया प्रभारी, भाजपा पंजाब के सह-प्रोटोकॉल इंचार्ज तथा श्री मुक्तसर साहिब के प्रभारी सहित विभिन्न संगठनात्मक जिम्मेदारियों का निर्वहन कर चुके हैं। कम उम्र में प्रदेश स्तर पर जिम्मेदारियां मिलने के कारण वे भाजपा के सक्रिय युवा चेहरों में गिने जाते रहे हैं।
2024 में क्यों हुए थे निष्कासित?
नगर निगम चुनाव 2024 के दौरान टिकट वितरण को लेकर पार्टी के भीतर मतभेद सामने आए थे। अर्जुन त्रेहन जालंधर नगर निगम चुनाव लड़ने के इच्छुक थे, लेकिन पार्टी ने उनकी सीट से एक अन्य नेता को उम्मीदवार बनाया। त्रेहन का आरोप था कि उक्त उम्मीदवार पूर्व में किसान आंदोलन के दौरान उनके परिवार और आवास के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों से जुड़ा रहा था। टिकट वितरण के फैसले से असहमति के चलते उन्होंने पार्टी नेतृत्व के विरुद्ध खुलकर नाराजगी जताई, जिसके बाद 16 दिसंबर 2024 को पार्टी अनुशासन का हवाला देते हुए उन्हें पूर्व कैबिनेट मंत्री भगत चुन्नी लाल सहित 11 अन्य नेताओं के साथ निष्कासित कर दिया गया।
निष्कासन के बाद भी भाजपा के साथ जुड़े रहे
राजनीतिक गलियारों में सबसे अधिक चर्चा इस बात की रही कि निष्कासन के बाद जहां अधिकांश निष्कासित नेताओं ने अन्य राजनीतिक दलों का दामन थाम लिया, वहीं अर्जुन त्रेहन ने किसी भी अन्य दल की सदस्यता स्वीकार नहीं की। उन्होंने स्वयं को भाजपा की विचारधारा से जुड़ा बताते हुए चुनावी अभियान और संगठन के समर्थन में सक्रिय भूमिका निभाई तथा सार्वजनिक रूप से भाजपा के पक्ष में प्रचार जारी रखा।
घर वापसी के राजनीतिक मायने
जिला भाजपा अध्यक्ष अशोक सरीन हिक्की एवं पूर्व सीपीएस केडी भंडारी की मौजूदगी में हुई अर्जुन त्रेहन की वापसी को संगठन के भीतर युवा नेतृत्व को पुनः मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जालंधर सहित दोआबा क्षेत्र में संगठनात्मक अनुभव रखने वाले युवा नेताओं की सक्रियता आगामी राजनीतिक रणनीति में अहम भूमिका निभा सकती है।
भाजपा में पुनः शामिल होने के बाद अर्जुन त्रेहन ने कहा कि उनकी प्राथमिकता सदैव संगठन और राष्ट्रहित रही है तथा वे पार्टी नेतृत्व के मार्गदर्शन में पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ संगठन को मजबूत करने के लिए कार्य करते रहेंगे।



