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नवरात्रि का सातवां दिन: माँ कालरात्रि की आराधना से भय और काल का नाश-नवजीत भारद्वाज*

जालंधर:-सिद्ध माँ बगलामुखी धाम में नवरात्रि के सातवां दिन माँ कालरात्रि जी की पूजा-अर्चना की गई। धाम के संस्थापक एवं व्यवस्थापक नवजीत भारद्वाज ने माँ भक्तों को कहा कि नवरात्रि के सातवें दिव्य दिन की महिमा को समझाते हुए कहा कि यह दिन समर्पित है माँ कालरात्रि को, जो माँ दुर्गा का अत्यंत शक्तिशाली और रहस्यमयी स्वरूप हैं। माँ कालरात्रि का नाम सुनते ही एक ऐसी शक्ति का अनुभव होता है जो अंधकार, भय और नकारात्मकता का अंत कर देती है। काल अर्थात समय और मृत्यु व रात्रि अर्थात अज्ञान और अंधकार। माँ कालरात्रि वह शक्ति हैं जो इन सभी का नाश करती हैं। इसलिए इन्हें शुभंकरी भी कहा जाता है, क्योंकि उनका रूप भले ही भयानक हो, लेकिन उनका उद्देश्य सदा शुभ और कल्याणकारी होता है।
नवजीत भारद्वाज जी ने कहा कि नवरात्रि के सातवें दिन जब हम माँ कालरात्रि की पूजा करते हैं, तो यह केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि एक गहन आध्यात्मिक साधना होती है। यह वह क्षण होता है जब हम अपने भीतर छिपे भय, क्रोध, अहंकार और अज्ञान को समाप्त करने का संकल्प लेते हैं। माँ का यह स्वरूप हमें सिखाता है कि जीवन के अंधकार से घबराना नहीं चाहिए, बल्कि उसका सामना करके उसे प्रकाश में बदलना चाहिए।
नवजीत भारद्वाज जी ने कहा कि माँ कालरात्रि का स्वरूप अत्यंत अद्भुत है उनका वर्ण घोर काला है, केश बिखरे हुए हैं, गले में बिजली की तरह चमकने वाली माला है, और उनके तीन नेत्र पूरे ब्रह्मांड को प्रकाशित करते हैं। वे गर्दभ (गधे) पर सवार होती हैं और उनके चार हाथों में वरमुद्रा, अभयमुद्रा, खड्ग और लोहे का कांटा होता है। यह स्वरूप हमें यह संदेश देता है कि चाहे परिस्थितियाँ कितनी भी कठिन क्यों न हों, माँ की कृपा से हर संकट का अंत संभव है।
नवजीत भारद्वाज जी ने माँ भक्तों को कहा कि जो भक्त सच्चे मन से माँ कालरात्रि की आराधना करते हैं, उन्हें भय से मुक्ति मिलती है, शत्रुओं का नाश होता है और जीवन में यश, वैभव तथा वैराग्य की प्राप्ति होती है। माँ अपने भक्तों को न केवल बाहरी संकटों से बचाती हैं, बल्कि उनके भीतर के अंधकार को भी दूर करती हैं और उन्हें सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं।
नवजीत भारद्वाज जी ने माँ भक्तों को कहा कि इस पावन अवसर पर हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम अपने जीवन से हर प्रकार की नकारात्मकता को दूर करेंगे, सच्चाई और धर्म के मार्ग पर चलेंगे, और माँ कालरात्रि की कृपा से अपने जीवन को उज्जवल और सफल बनाएंगे।
इस अवसर पर श्वेता भारद्वाज,राकेश प्रभाकर,पूनम प्रभाकर ,सरोज बाला, समीर कपूर, विक्की अग्रवाल, अमरेंद्र कुमार शर्मा, रोहित भाटिया,जानू थापर, ऋषभ कालिया,अजीत कुमार , नरेंद्र,राकेश शर्मा, अमरेंद्र सिंह, नवीन , प्रदीप, सुधीर, सुमीत,मनीष शर्मा, दानिश, रितु, कुमार,सौरभ ,शंकर, गुरवीर सिंह,गुरप्रीत कौर,संदीप,रिंकू,गोरव गोयल, मनी ,नरेश,अजय शर्मा,दीपक,किशोर,प्रदीप,प्रवीण,राजू,संजीव शर्मा,मुकेश,अमनदीप शर्मा, गुरप्रीत सिंह, विरेंद्र सिंह सहित भारी संख्या में भक्तजन मौजूद थे।
हवन यज्ञ के उपरांत लंगर भंडारे का आयोजन किया गया।

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